संभल में समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और फतेहपुर सांसद नरेश उत्तम पटेल ने भाजपा और प्रधानमंत्री पर तीखा हमला बोला है। बुधवार शाम उन्होंने सपा विधायक इकबाल महमूद के आवास पर कहा कि लोकसभा के अंदर उन्होंने यह देखा है कि “जितना बड़ा नेता, उतना बड़ा झूठ”।
पटेल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और भाजपा के शीर्ष नेता जनता से जुड़े मुद्दों पर सच्चाई नहीं बताते। उन्होंने कहा कि संसद के भीतर जो अनुभव उन्हें मिला, वह यह दर्शाता है कि सरकार तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करती है और विपक्ष की बातों को दबाने का प्रयास करती है।
सांसद ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023’ का भी उल्लेख करते हुए कहा कि यह कानून लोकसभा और राज्यसभा दोनों में पारित हो चुका है और राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद अधिनियम बन गया है। इसके बावजूद इसे लागू न किए जाने पर उन्होंने सवाल उठाए और इसे महिलाओं के अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और प्रधानमंत्री इस कानून को जानबूझकर लागू नहीं कर रहे हैं, क्योंकि वे महिलाओं को उनका अधिकार देने में रुचि नहीं रखते। उन्होंने यह भी दावा किया कि संसद में उन्होंने 2025 में इस विषय को उठाया था और पूछा था कि जब कानून बन चुका है तो इसे लागू करने में देरी क्यों की जा रही है।
नरेश उत्तम पटेल ने भाजपा पर दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी की नीतियां समाज में असमानता को बढ़ावा देती हैं। उन्होंने कहा कि इससे देश में पूंजीवाद को बढ़ावा मिल रहा है और आम जनता की स्थिति प्रभावित हो रही है।
सपा नेता ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी डॉ. राम मनोहर लोहिया और मुलायम सिंह यादव के सिद्धांतों पर चलती है, जो हमेशा समानता और सामाजिक न्याय के पक्षधर रहे हैं। उन्होंने अखिलेश यादव के बयानों का समर्थन करते हुए भाजपा पर जनता को भ्रमित करने का आरोप भी लगाया।
इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है, जबकि भाजपा की ओर से इस पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


