वाराणसी के फूलपुर थाना क्षेत्र के भरथरा (घमहापुर) में रविवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां घर से महज 100 मीटर दूरी पर कार सवार मनीष सिंह (36) की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। यह वारदात उस समय हुई जब वे अपने कारखाने से काम खत्म कर घर लौट रहे थे।
जानकारी के अनुसार, मनीष सिंह गांव में दोना-पत्तल का कारखाना चलाते थे और रात करीब 10 बजे कार से घर लौट रहे थे। जैसे ही वे गांव के पास पहुंचे, उनकी कार से बिंदु देवी नामक महिला को हल्का धक्का लग गया, जिससे वह घायल हो गईं। इसी बात पर वहां मौजूद लोगों का गुस्सा भड़क उठा और भीड़ ने मनीष को घेर लिया।
इसके बाद स्थिति तेजी से बिगड़ गई और कुछ मनबढ़ लोगों ने लाठी-डंडों और ईंट से मनीष पर हमला कर दिया। आरोप है कि उन्हें लगातार करीब 20 मिनट तक बेरहमी से पीटा गया, जिसमें उनका सिर ईंट से कुचल दिया गया। हमले की गंभीरता इतनी अधिक थी कि उनकी हालत मौके पर ही नाजुक हो गई।
परिजन जब सूचना पाकर मौके पर पहुंचे तो मनीष को गंभीर अवस्था में अस्पताल ले जाया गया, पहले पीएचसी बसनी और फिर बीएचयू ट्रॉमा सेंटर, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना से पूरे परिवार में कोहराम मच गया और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस ने मामले में आठ नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। अब तक दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि कई अन्य की तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। गांव में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात कर दी गई है।
इसी बीच जांच के दौरान एक और घटना सामने आई, जब आरोपियों की तलाश में गई क्राइम ब्रांच और एसओजी टीम को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। गलतफहमी में ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया और एक सिपाही की पिस्टल भी छीन ली, जिससे हालात और तनावपूर्ण हो गए।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। इस पूरी घटना ने इलाके में भय और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है, जबकि मृतक के परिजन इंसाफ की मांग कर रहे हैं।


