बुलंदशहर के खुर्जा क्षेत्र में हुए तिहरे हत्याकांड ने पूरे इलाके को दहला दिया है। इस दर्दनाक घटना के बाद मृतकों के परिजन गहरे सदमे में हैं और उनकी आंखों से आंसू थम नहीं रहे। सबसे भावुक बयान मृतक मनीष के चचेरे भाई उधम सिंह सैनी का सामने आया है, जिन्होंने कहा कि अगर उन्होंने उस रात मनीष को अपने साथ ले लिया होता, तो शायद आज तीन जिंदगियां बच जातीं।
उधम सिंह ने रोते हुए बताया कि शनिवार रात वह और मनीष एक शादी समारोह से लौट रहे थे, तभी उन्हें जिम में विवाद की सूचना मिली। बिना देर किए दोनों वहां पहुंचे और बीच-बचाव कर झगड़ा शांत कराया। उस समय सब कुछ सामान्य लग रहा था और किसी को अंदाजा भी नहीं था कि आगे इतनी बड़ी त्रासदी होने वाली है।
उधम के अनुसार, झगड़ा शांत होने के बाद कुछ लोग वहां से चले गए और माहौल सामान्य हो गया था। इसी दौरान मनीष को लगातार फोन आने लगे, जिसमें घर लौटने की बात कही जा रही थी। मनीष ने उधम से कहा कि वह बाकी लोगों को साथ लेकर आता है और उधम को घर भेज दिया।
उधम ने बताया कि वह घर लौट आए, लेकिन सिर्फ 15 मिनट बाद ही उन्हें फोन पर ऐसी खबर मिली जिसने उनकी दुनिया उजाड़ दी। सूचना थी कि जिम में हमलावरों ने फायरिंग कर दी है और मनीष समेत तीन लोगों की हत्या हो चुकी है। यह सुनकर वह तुरंत मौके पर पहुंचे, जहां खून से लथपथ शव पड़े थे।
इस हत्याकांड में मनीष, अमरदीप और आकाश की मौत हो गई, जिससे पूरे परिवार में कोहराम मच गया। परिजन लगातार उस “15 मिनट” को याद कर रहे हैं, जिसने उनकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी। उधम का कहना है कि अगर उन्होंने मनीष की बात नहीं मानी होती और उसे साथ ले आते, तो शायद यह हादसा टल सकता था।
पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि कई अभी फरार हैं। उनकी तलाश में कई टीमें दबिश दे रही हैं और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। वहीं प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए लापरवाही पाए जाने पर कुछ पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।
यह घटना न सिर्फ एक परिवार के लिए बल्कि पूरे जिले के लिए गहरे सदमे का कारण बनी हुई है। लोग अभी भी उस रात की भयावहता और “15 मिनट के फैसले” की चर्चा कर रहे हैं, जिसने तीन जिंदगियां छीन लीं और एक परिवार को हमेशा के लिए टूटने पर मजबूर कर दिया।


