-होमगार्ड की परीक्षा देने आए छात्र भीषण गर्मी में परेशान, महासंघ के पहुंचते ही खुला सत्संग भवन का ताला
-पांडेश्वर नाथ मंदिर की बदहाल व्यवस्था पर बवाल, सुधार की मांग तेज
फर्रुखाबाद । प्राचीन पांडेश्वर नाथ महाराज मंदिर परिसर में अव्यवस्थाओं, बंद कमरों और गंदगी की शिकायतों को लेकर रविवार सुबह विश्व हिंदू महासंघ के जिला अध्यक्ष अरविंद शुक्ला के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मंदिर पहुंचे। वहां कमरों में ताले लगे होने और परिसर में फैली गंदगी को देखकर सभी ने नाराजगी और आश्चर्य जताया। जिला अध्यक्ष अरविंद शुक्ला के साथ कानपुर मंडल अध्यक्ष सुनीता अग्निहोत्री, जिला उपाध्यक्ष मोहित दीक्षित, जिला उपाध्यक्ष गोविंद अवस्थी, जिला सचिव अमित गुप्ता, डॉ. अजय बाजपेई, कृष्ण कुमार शाक्य, मीडिया प्रभारी आलोक दीक्षित, शिखर मिश्रा, कोषाध्यक्ष मधुर मिश्रा, तहसील अध्यक्ष भास्कर अग्निहोत्री, नगर उपाध्यक्ष दीपांशु मिश्रा, अंकित मिश्रा, योगेंद्र नाथ मिश्रा सहित दो दर्जन से अधिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। मंदिर परिसर में बैठक के दौरान पदाधिकारियों ने कमरों पर कब्जे और ताले लगे होने पर आपत्ति जताई। बैठक के बाद विश्व हिंदू महासंघ के जिला अध्यक्ष अरविंद शुक्ला ने मंदिर कमेटी के मंत्री अनिल त्रिपाठी से फोन पर बात की। बातचीत में सामने आया कि कमरों का शुल्क 251 रुपए लिया जा रहा है, लेकिन इस संबंध में त्रिपाठी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। मौके पर बुलाने पर उन्होंने बताया कि वह गाजियाबाद में अपनी पुत्री के गृह प्रवेश कार्यक्रम में हैं, इसलिए उपस्थित नहीं हो सकते। दर असल श्री पांडेश्वर नाथ महाराज पांडा बाग मंदिर में गंदगी और कमरों में ताले होने की सूचना पर ही महासंघ के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे थे। हालांकि मंदिर कमेटी के अन्य सदस्य मौके पर नहीं पहुंचे। कमेटी के पदाधिकारी मनीष दीक्षित ने फोन पर खुद के बीमार होने की बात कहते हुए दो दिन बाद बैठक कर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। इसी दौरान सत्संग भवन में ताला लगे होने से परीक्षा देने आए छात्र-छात्राएं और उनके परिजन भीषण गर्मी में बाहर बैठे मिले। इस पर विश्व हिंदू महासंघ के पदाधिकारी आक्रोशित हो उठे। सूचना मिलने पर मनीष दीक्षित ने सत्संग भवन का ताला खुलवाया, जिससे लोगों को राहत मिली। मौके पर मौजूद अखिल भारत हिंदू महासभा के विमलेश मिश्रा ने भी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि मंदिर में सफाई के लिए नियुक्त लोग कार्य नहीं कर रहे हैं, जबकि परिसर पर कब्जा किए हुए हैं। उन्होंने ऐसे लोगों से कब्जा हटाने की मांग की।
वहीं विश्व हिंदू महासंघ के संरक्षक भजन सम्राट आनंद प्रकाश गुप्ता मुन्ना ने कहा कि उनका किसी से व्यक्तिगत विवाद नहीं है, बल्कि उद्देश्य केवल मंदिर की व्यवस्था सुधारना है। उन्होंने कहा कि मंदिर को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनने दिया जाएगा और यहां साफ-सफाई के साथ भजन कीर्तन की व्यवस्था ही प्राथमिकता होनी चाहिए।
निष्कर्ष: मंदिर में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर उठी यह आवाज अब बड़ा रूप ले सकती है। आगामी बैठक में कमेटी द्वारा क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।


