– मांगें बार-बार उठती रहीं, लेकिन इंतजार जारी
फर्रुखाबाद।
नगर में विद्युत शवदाह गृह के निर्माण को लेकर वर्षों से उठ रही मांग आज भी अधूरी है। घोषणाओं और आश्वासनों का लंबा सिलसिला तो चलता रहा, लेकिन धरातल पर अब तक कोई ठोस प्रगति देखने को नहीं मिली है। ऐसे में नगरवासियों के बीच निराशा और असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है।
पांचाल घाट स्थित स्वर्गधाम श्मशान घाट, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में अंतिम संस्कार होते हैं, वहां आधुनिक सुविधाओं का अभाव साफ दिखाई देता है। इस महत्वपूर्ण स्थल पर विद्युत शवदाह गृह की अनुपस्थिति न केवल व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समय के साथ बढ़ती आवश्यकताओं की अनदेखी को भी उजागर करती है।
नगर के नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने कई बार इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है। ज्ञापन सौंपे गए, प्रदर्शन किए गए और जनप्रतिनिधियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाई गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। परिणामस्वरूप यह परियोजना अब भी फाइलों में ही सीमित होकर रह गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि विद्युत शवदाह गृह आज के समय की आवश्यकता बन चुका है। पारंपरिक लकड़ी आधारित चिताओं की तुलना में यह प्रणाली न केवल समय की बचत करती है, बल्कि लकड़ी की खपत को भी काफी हद तक कम करती है। इससे वन संसाधनों पर दबाव घटता है और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलता है।
इसके साथ ही, गंगा नदी के तट पर स्थित श्मशान घाटों के लिए यह सुविधा और भी अधिक महत्वपूर्ण मानी जाती है। पारंपरिक दाह संस्कार से उत्पन्न अवशेष और अधजले पदार्थ कभी-कभी नदी में प्रवाहित हो जाते हैं, जिससे जल प्रदूषण की समस्या बढ़ती है। विद्युत शवदाह प्रणाली इस जोखिम को कम करने में सहायक हो सकती है, जिससे नदी की स्वच्छता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
नगरवासियों का कहना है कि यह परियोजना केवल सुविधा का विषय नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य, पर्यावरण और सम्मानजनक अंतिम संस्कार से भी जुड़ा हुआ मुद्दा है। तेजी से बढ़ती आबादी और बदलती जीवनशैली के बीच अब पारंपरिक व्यवस्थाएं पर्याप्त नहीं रह गई हैं, ऐसे में आधुनिक विकल्पों को अपनाना समय की मांग है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का स्पष्ट कहना है कि यदि प्रशासन इस दिशा में गंभीरता दिखाए और ठोस योजना बनाकर कार्य शुरू करे, तो यह परियोजना कम समय में पूरी की जा सकती है। इसके लिए केवल इच्छाशक्ति और प्राथमिकता तय करने की जरूरत है।
अब नगर के लोग प्रशासन से जवाब मांग रहे हैं—आखिर कब तक यह मुद्दा केवल कागजों और बैठकों तक सीमित रहेगा? विद्युत शवदाह गृह का निर्माण न केवल शहर की एक बड़ी जरूरत को पूरा करेगा, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।


