– 31 मई डेडलाइन, गुणवत्ता और सुरक्षा पर जीरो समझौता
– मैडम लाठर को भीषण गर्मी की बिल्कुल नहीं परवाह
फर्रुखाबाद। जनपद में विद्युत व्यवस्था को नई ताकत देने वाली 926.77 करोड़ रुपये की मेगा पारेषण परियोजना पर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने मोहम्मदाबाद क्षेत्र के उखरा में निर्माणाधीन 400/220/132 केवी विद्युत पारेषण केंद्र का स्थलीय निरीक्षण कर कार्य प्रगति की गहन समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता (पारेषण) ने बताया कि इस केंद्र को बदायूं से दो 400 केवी लाइनें और उरई (जालौन) से दो 400 केवी लाइनें जोड़ रही हैं, जिससे क्षेत्रीय ग्रिड की क्षमता में बड़ा इजाफा होगा। परियोजना का काम मार्च 2024 में शुरू हुआ था, 400 केवी स्तर का कार्य पूरा, जबकि 220 केवी और 132 केवी के कार्य करीब 90% पूर्ण हो चुके हैं। शेष काम 31 मई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक, परियोजना पूरी होते ही फर्रुखाबाद और कन्नौज में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा, वोल्टेज ड्रॉप, फॉल्ट और ट्रिपिंग जैसी समस्याओं में कमी आएगी, और औद्योगिक व घरेलू उपभोक्ताओं को अधिक स्थिर सप्लाई मिलेगी।
डीएम ने कार्यदायी संस्था को साफ निर्देश दिए कि समयसीमा से कोई समझौता नहीं, और गुणवत्ता व सुरक्षा मानकों पर शून्य ढिलाई। उन्होंने नियमित मॉनिटरिंग, साइट सेफ्टी प्रोटोकॉल और तकनीकी मानकों के कड़ाई से पालन पर जोर दिया, ताकि परियोजना समय पर और तय गुणवत्ता के साथ पूरी हो।
निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागीय अधिकारी और कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि मौजूद रहे। डीएम की नजर मे उखरा का यह पारेषण केंद्र केवल एक प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को स्थिर और मजबूत बनाने की रीढ़ है। प्रशासन की सख्ती से साफ है अब देरी नहीं, डिलीवरी चाहिए।


