– आंख फोड़ने तक पहुंची हिंसा!
बाराबंकी। जिले की चर्चित श्री रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी एक बार फिर गंभीर विवादों में घिर गई है। यूनिवर्सिटी परिसर में बीटेक सेकेंड ईयर के छात्रों के बीच वर्चस्व की जंग खूनी संघर्ष में बदल गई, जहां 15 से 20 सीनियर छात्रों के एक गुट ने दो छात्रों को निशाना बनाते हुए लोहे की रॉड और डंडों से बेरहमी से पीटा।
सूत्रों के अनुसार, विवाद पहले आपसी कहासुनी से शुरू हुआ, लेकिन देखते ही देखते यह हिंसक झड़प में तब्दील हो गया। आरोप है कि सीनियर छात्रों ने योजनाबद्ध तरीके से जूनियर छात्रों को घेरकर हमला किया। हमलावरों ने इतनी निर्ममता दिखाई कि दोनों छात्र लहूलुहान होकर मौके पर ही गिर पड़े।
घायलों में एक छात्र की आंख पर गंभीर चोट आई है, जिससे उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। दूसरे छात्र के चेहरे पर 14 टांके आए हैं। दोनों को तत्काल लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर में रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, एक छात्र की दृष्टि पर स्थायी असर पड़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
घटना के बाद हमलावर छात्र मौके से फरार हो गए, जिससे यूनिवर्सिटी प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। छात्रों और अभिभावकों में दहशत का माहौल है, जबकि कैंपस में पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई है।
माती थाना पुलिस ने पीड़ित पक्ष की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
यह घटना केवल एक मारपीट नहीं, बल्कि प्रदेश के निजी शिक्षण संस्थानों में बढ़ती गुंडागर्दी और प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा संकेत है। सवाल यह है कि क्या यूनिवर्सिटी प्रबंधन इस तरह की घटनाओं को रोकने में पूरी तरह विफल हो चुका है, या फिर कैंपस में “सीनियर बनाम जूनियर” की दबंग संस्कृति को जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है?
यूथ इंडिया की पड़ताल जारी है—क्योंकि सवाल सिर्फ दो छात्रों की जिंदगी का नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की साख का है।
शिक्षा मंदिर बना रणभूमि: वर्चस्व की जंग में छात्रों पर लोहे की रॉड से हमला


