41 C
Lucknow
Thursday, April 23, 2026

कायमगंज में वकीलों का गुस्सा ,प्रशासन के खिलाफ तीखा रुख , हड़ताल जारी

Must read

– फतेहगढ़ बार एसोसिएशन भी समर्थन में उतरी
– जीएसटी मामलों मे भी खाकी का दखल मार रहा उबाल

फर्रुखाबाद। कायमगंज तहसील क्षेत्र में न्यायालय परिसर में ताला तोड़ने और कथित उपद्रव की घटना के बाद वकीलों और प्रशासन के बीच टकराव अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। अधिवक्ताओं पर दर्ज एफआईआर को लेकर बार एसोसिएशन में जबरदस्त आक्रोश है और वकीलों ने इसे प्रशासन की “मनमानी, दमनकारी और बदले की कार्रवाई” करार देते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखने का ऐलान कर दिया है।
बार एसोसिएशन की बैठक में अधिवक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि बिना निष्पक्ष जांच के मुकदमे दर्ज करना न्याय व्यवस्था का खुला मजाक है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि प्रशासन अपनी विफलताओं और तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए वकीलों को निशाना बना रहा है।
इस पूरे मामले में अधिवक्ता इंद्रेश गंगवार का बयान आग में घी डालने जैसा साबित हुआ है। उन्होंने प्रशासन को खुली चुनौती देते हुए कहा कि घटना वाले दिन वह जनपद में मौजूद ही नहीं थे। “पुलिस चाहे तो मेरी कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) निकलवा ले, सच्चाई खुद सामने आ जाएगी, लेकिन इसके बावजूद मेरे नाम एफआईआर में डाल दिया गया। इससे साफ है कि मुकदमा पूरी तरह फर्जी और दुर्भावनापूर्ण है।” उनके इस बयान के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
रेवेन्यू बार एसोसिएशन, तहसील कायमगंज के अध्यक्ष विश्वेश्वर दयाल यादव और महासचिव अवनीश कुमार गंगवार ने प्रशासन पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार और अव्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाने पर अधिवक्ताओं को साजिशन फंसाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एसडीएम द्वारा मनगढ़ंत मुकदमा पंजीकृत कराया गया है। बार पदाधिकारियों ने साफ चेतावनी दी कि जब तक फर्जी मुकदमे वापस नहीं लिए जाते और भ्रष्टाचार पर रोक नहीं लगाई जाती, तब तक अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से विरत रहेंगे और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब फतेहगढ़ बार एसोसिएशन भी खुलकर समर्थन में उतर आया। फतेहगढ़ बार के अध्यक्ष शशिभूषण दीक्षित और महासचिव कुंवर सिंह यादव ने अधिवक्ताओं पर दर्ज मुकदमों को “झूठा और निंदनीय” बताते हुए इसकी कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि कायमगंज के अधिवक्ता प्रशासन के भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं और इस संघर्ष में फतेहगढ़ बार पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगे भी हर संभव सहयोग और समर्थन दिया जाएगा।
दूसरी ओर प्रशासन अपनी कार्रवाई को न्यायालय की गरिमा बनाए रखने के लिए आवश्यक बता रहा है, लेकिन वकीलों ने इस तर्क को सिरे से खारिज कर दिया है। अधिवक्ताओं का कहना है कि यह पूरा घटनाक्रम प्रशासन की नाकामी और अव्यवस्था को छिपाने का प्रयास है, जिसमें निर्दोष लोगों को फंसाया जा रहा है।
इस टकराव का सीधा असर न्यायिक कार्यों पर पड़ रहा है। अदालतों में कामकाज लगभग ठप हो गया है, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मुकदमे लटक रहे हैं और फरियादी न्याय के लिए भटकने को मजबूर हैं।
फिलहाल कायमगंज में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। वकीलों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई, तो आंदोलन और उग्र रूप लेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। यह विवाद अब केवल एक घटना तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि न्याय व्यवस्था, अधिवक्ताओं के सम्मान और प्रशासनिक जवाबदेही का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article