फर्रुखाबाद। करोड़ों की जमीन को अपने अपने उद्देश्य भूमाफिया प्रवृत्ति के दबंग मैनपुरी निवासी दुष्यंत कुमार के गैंग ने न्यायालय को गुमराह कर दिल्ली रह रहे भोले वाले व्यापारियों को फसाने में सफलता हासिल करते हुए शहर कोतवाली में मुकदमा पंजीकृत कर लिया।वहीं अब दूसरा पक्ष भी खुलकर सामने आ गया है। राजीव भल्ला ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे “सुनियोजित दबाव और फंसाने की साजिश” बताया है। कहा कि उनकी जमीन हड़पने के लिए यह गेम उनके पिता के साथ भी अभद्रता कर चुका है कर चुका है जिससे उनके पिता की समय मौत हुई और और उन्हें भी लगातार धमकियां और जान से मरवाने की कोशिश है जारी है वह संबंधित सच पुलिस और न्यायालय के सामने रखेंगे।
भल्ला का कहना है कि कथित इकरारनामा की अवधि पहले ही समाप्त हो चुकी थी, ऐसे में किसी भी तरह की वैध डील शेष नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि दुष्यंत प्रताप सिंह और उससे जुड़े लोग “भूमाफिया प्रवृत्ति” के हैं और उन पर लगातार दबाव बनाकर संपत्ति कब्जाने की कोशिश कर रहे थे।
भल्ला ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि “इन लोगों ने पहले भी धमकाने और जान से मारने का प्रयास किया था, यहां तक कि मेरे पिता के साथ भी ऐसी घटनाएं हुई थीं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरे मामले में उनके पास ठोस साक्ष्य हैं, जिन्हें वे पुलिस जांच में प्रस्तुत करेंगे।
उधर, न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब पूरा मामला सबूतों और जांच पर टिका है, जिसमें यह तय होगा कि करोड़ों की जमीन के इस विवाद में असली सच क्या है।
क्या बताना जरूरी होगा बीते को दिनों पूर्व राजीव भल्ला एवं उनके परिवार को दुष्यंत सिंह और पूरे गैंग ने बंधक बनाकर उनकी जान लेने का प्रयास किया था इस संबंध में राजीव भल्ला ने जैसे तैसे जिले से निकलने के बाद नोएडा से पुलिस अधीक्षक से जारी मेल शिकायत भी की थी।
“इकरारनामा खत्म, दबाव बनाकर फंसाने की कोशिश” न्यायालय से आदेश कराकर दर्ज गया कराया मुकदमा


