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Wednesday, April 22, 2026

महिला आयोग के नोटिस पर पप्पू यादव का तंज कूड़ेदान में फेंक दिया

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पटना। बिहार की राजनीति में इन दिनों पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव का महिलाओं को लेकर दिया गया बयान बड़ा विवाद बन गया है। इस बयान के बाद जहां राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है, वहीं भाजपा सहित कई दलों ने इसकी कड़ी आलोचना की है। मामला तब और गरमा गया जब बिहार राज्य महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए सांसद को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया।
आयोग की अध्यक्ष अप्सरा ने नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर जवाब मांगा है। नोटिस में कहा गया कि सांसद का बयान राजनीति में सक्रिय महिलाओं के सम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाता है। आयोग ने यह भी सवाल उठाया है कि आखिर क्यों न लोकसभा अध्यक्ष से उनकी सदस्यता समाप्त करने की अनुशंसा की जाए।
हालांकि, इस पूरे मामले पर पप्पू यादव ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए महिला आयोग के नोटिस को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि नोटिस को उन्होंने “कूड़ेदान में फेंक दिया”। उन्होंने अपने बयान को सही ठहराते हुए कहा कि वे महिलाओं के सम्मान की लड़ाई लड़ रहे हैं। साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “ऊंट बैठ भी जाए तो गधा से ऊंचा होता है” और “हाथी चले बाजार, कुत्ता भौंके हजार” जैसे बयान देकर विवाद को और हवा दे दी।
दरअसल, विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब सोमवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान महिला आरक्षण पर सवाल के जवाब में पप्पू यादव ने कहा था कि अमेरिका से भारत तक राजनीति में 90 फीसदी महिलाएं बिना नेताओं के संरक्षण के आगे नहीं बढ़ सकतीं। उन्होंने महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों के लिए भी नेताओं को जिम्मेदार ठहराया था। इस बयान को कई राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने अपमानजनक और महिलाओं की गरिमा के खिलाफ बताया।
इतना ही नहीं, पप्पू यादव ने इस दौरान केंद्र और राज्य सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए और इशारों में कहा कि अयोग्य लोगों को भी वीआईपी सुरक्षा दी जा रही है। गौरतलब है कि उन्हें पहले ‘वाई’ श्रेणी की सुरक्षा मिली थी, जिसे हाल ही में वापस ले लिया गया है।
अब महिला आयोग के नोटिस को खारिज करने के बाद यह विवाद और गहराने के संकेत मिल रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा बिहार की सियासत में बड़ा रूप ले सकता है, खासकर तब जब महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर पहले से ही संवेदनशील माहौल बना हुआ है।

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