कासगंज
जनपद के ज्वालापुरी क्षेत्र में एक 65 वर्षीय महिला की इलाज के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अवैध क्लीनिक को सील कर दिया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, महिला का उपचार एक निजी क्लीनिक में किया जा रहा था, जहां इलाज के दौरान ही उसकी हालत बिगड़ गई और मौत हो गई। मामले की सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और क्लीनिक की गहन जांच की गई। जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम का नेतृत्व कर रहे चिकित्सक डॉ. कुंवर उत्कर्ष ने बताया कि क्लीनिक में न तो उपचार से संबंधित कोई वैध दस्तावेज मिले और न ही आवश्यक पंजीकरण के प्रमाण प्रस्तुत किए जा सके। इसके अलावा क्लीनिक में साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब पाई गई और मौके पर कोई प्रशिक्षित स्टाफ भी मौजूद नहीं था, जो स्वास्थ्य मानकों की खुली अनदेखी को दर्शाता है।
इन सभी खामियों को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने तत्काल प्रभाव से क्लीनिक को सील कर दिया। वहीं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजीव अग्रवाल ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अपंजीकृत और संदिग्ध चिकित्सा संस्थान में इलाज कराने से बचें तथा केवल अधिकृत और पंजीकृत अस्पतालों में ही उपचार कराएं।
इस घटना ने एक बार फिर जनपद में अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों की समस्या को उजागर कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में ऐसे संस्थानों के खिलाफ अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।


