प्रशासनिक फेरबदल में मिली बड़ी जिम्मेदारी
एटा
शासन द्वारा किए गए ताजा प्रशासनिक फेरबदल में 2015 बैच के आईएएस अधिकारी अरविंद सिंह को एटा जनपद का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है। उनके नाम की घोषणा होते ही जिले के प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है और जल्द ही उनके कार्यभार ग्रहण करने की संभावना जताई जा रही है।
अरविंद सिंह इससे पहले लखनऊ में सहायक भू-लेख आयुक्त के पद पर तैनात थे, जहां उन्होंने राजस्व और भूमि संबंधी मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रशासनिक अनुभव और कार्यशैली के चलते उन्हें एटा जैसे महत्वपूर्ण जिले की कमान सौंपी गई है।
शैक्षिक पृष्ठभूमि की बात करें तो अरविंद सिंह ने वाराणसी स्थित बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की है। इसके साथ ही उन्होंने लखनऊ से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन मैनेजमेंट में डिप्लोमा भी किया है। तकनीकी और प्रबंधन दोनों क्षेत्रों की समझ उन्हें प्रशासनिक कार्यों में एक अलग दृष्टिकोण प्रदान करती है।
पूर्व में वे बलरामपुर जिले के जिलाधिकारी के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं, जहां उनके कार्यकाल को प्रभावी प्रशासन और विकास कार्यों के लिए सराहा गया। अब एटा में उनकी तैनाती को लेकर स्थानीय स्तर पर उम्मीद जताई जा रही है कि वे जिले में विकास योजनाओं को गति देने के साथ-साथ कानून-व्यवस्था को और मजबूत करेंगे।
वहीं वर्तमान जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह, जिनका कार्यकाल एटा में करीब ढाई वर्ष रहा, का तबादला कर उन्हें अपर राज्य परियोजना निदेशक, सर्व शिक्षा अभियान (मध्याह्न भोजन अभिकरण) के पद पर भेजा गया है। उनके कार्यकाल में जिले में कई विकास योजनाओं को गति मिली और प्रशासनिक स्तर पर कई अहम पहल की गईं।
सूत्रों के मुताबिक, पिछले कई दिनों से जिले में डीएम के तबादले की चर्चाएं चल रही थीं, जिस पर अब मुहर लग गई है। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने नए जिलाधिकारी से बेहतर प्रशासन और जनहित में प्रभावी निर्णयों की अपेक्षा जताई है।


