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Monday, April 20, 2026

मोडिफाइड साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न पर सख्ती, 17 हजार का चालान,नियम न मानने पर आरसी सस्पेंड की चेतावनी

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फर्रुखाबाद। जनपद में ध्वनि प्रदूषण और यातायात नियमों के उल्लंघन पर लगाम कसने के लिए प्रशासन ने मोडिफाइड साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न लगाने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी फर्रुखाबाद श्री आशुतोष कुमार द्विवेदी के निर्देशन में एआरटीओ प्रवर्तन सुभाष राजपूत तथा यातायात प्रभारी सतेन्द्र कुमार की संयुक्त टीम ने रोडवेज बस अड्डे के आसपास सघन चेकिंग अभियान चलाया, जिससे वाहन चालकों में हड़कंप मच गया।
अभियान के दौरान टीम ने कुल 54 वाहनों की जांच की, जिसमें साइलेंसर और ध्वनि प्रदूषण के मानकों की विशेष रूप से जांच की गई। इस दौरान एक बुलेट मोटरसाइकिल मोडिफाइड साइलेंसर के साथ पकड़ी गई, जो निर्धारित मानकों का उल्लंघन कर रही थी। जांच में यह भी सामने आया कि उक्त वाहन का बीमा वर्ष 2020 से समाप्त हो चुका था। इस पर सख्त कार्रवाई करते हुए संबंधित वाहन का चालान किया गया और उस पर 17 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
प्रशासन ने वाहन स्वामी को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वह तत्काल साइलेंसर को मानक के अनुरूप ठीक कराकर एआरटीओ कार्यालय में निरीक्षण कराएं। यदि निर्धारित समय में वाहन को सही कराकर निरीक्षण नहीं कराया गया, तो उसकी आरसी (पंजीकरण प्रमाणपत्र) सस्पेंड कर दी जाएगी। अधिकारियों ने साफ किया कि इस तरह की लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस कार्रवाई से पहले 18 अप्रैल 2026 को एआरटीओ कार्यालय फर्रुखाबाद में एआरटीओ प्रशासन कृष्ण कुमार यादव की अध्यक्षता में वाहन डीलर्स, मोटर गैराज और वर्कशॉप संचालकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में सभी संबंधित संचालकों को सख्त हिदायत दी गई थी कि किसी भी वाहन में मोडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न या हूटर लगाने का कार्य न करें। यदि कोई डीलर या गैराज ऐसा करता पाया गया, तो उसके खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत प्रति उल्लंघन एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
इसके साथ ही एआरटीओ प्रशासन द्वारा विभिन्न मोटर गैराजों का निरीक्षण भी किया गया, ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ न केवल आर्थिक दंड बल्कि कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि मोडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न या हूटर लगाने जैसे कृत्य कानूनन अपराध की श्रेणी में आते हैं। ऐसे मामलों में तीन माह तक के कारावास या 10 हजार रुपये तक के जुर्माने अथवा दोनों का प्रावधान है। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे अपने वाहनों में किसी भी प्रकार का अवैध संशोधन न कराएं और यातायात नियमों का पालन करें, जिससे सड़क सुरक्षा के साथ-साथ ध्वनि प्रदूषण पर भी नियंत्रण रखा जा सके।

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