रेवाड़ी। हरियाणा के रेवाड़ी में रविवार को पहुंचे उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक पारिवारिक कार्यक्रम के दौरान केंद्र की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। समाजवादी पार्टी प्रमुख ने अपने संबोधन को सियासी रंग देते हुए कई राष्ट्रीय और सामाजिक मुद्दों पर तीखे बयान दिए और विपक्ष की एकजुटता को भाजपा के लिए बड़ी चुनौती बताया।
अखिलेश यादव ने कहा कि विपक्ष की मजबूती के कारण ही केंद्र सरकार को कई अहम मुद्दों पर पीछे हटना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जानबूझकर जातीय जनगणना से बच रही है, क्योंकि इससे समाज की वास्तविक तस्वीर सामने आ जाएगी और वंचित वर्ग अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर हिस्सेदारी की मांग करेगा। उन्होंने सामाजिक न्याय के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान के अनुसार सभी वर्गों को बराबरी का अधिकार मिलना चाहिए।
महिला आरक्षण के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव ने भाजपा को घेरते हुए कहा कि विपक्ष पूरी तरह से महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने के पक्ष में है, जबकि भाजपा का इतिहास इस मामले में कमजोर रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा ने अब तक अपने संगठन में किसी महिला को राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बनाया।
परिसीमन को लेकर भी उन्होंने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि मनमाने तरीके से इसे लागू करने की कोशिश की गई थी, जिसे विपक्ष ने मिलकर विफल किया। उन्होंने ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फार्मूले को सामाजिक न्याय का आधार बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य वंचित वर्गों को सत्ता में उचित भागीदारी दिलाना है। उन्होंने हरियाणा में भी इस फार्मूले को लागू करने की वकालत की।
अहीरवाल क्षेत्र को लेकर अखिलेश यादव ने बड़ा राजनीतिक संदेश देते हुए कहा कि जब यह क्षेत्र सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, तो मुख्यमंत्री भी इसी क्षेत्र से होना चाहिए। उन्होंने अहीर रेजिमेंट के गठन का भी समर्थन किया और इसे क्षेत्रीय सम्मान से जोड़कर देखा।
आगामी चुनावों को लेकर सपा प्रमुख ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल, असम और तमिलनाडु जैसे राज्यों में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा अपने राजनीतिक हित साधने के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाकर विपक्षी दलों के प्रचार को प्रभावित करने की कोशिश करती है। वहीं इंडिया गठबंधन को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के साथ तालमेल जारी रहेगा और मिलकर चुनाव लड़ा जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा “मित्र” कहे जाने के सवाल पर अखिलेश यादव ने तीखा जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने हाथ जोड़कर ऐसे मित्र की आवश्यकता न होने की बात कही थी।
गौरतलब है कि अखिलेश यादव रेवाड़ी में डॉक्टर विराट वीर की बहन की शादी में शामिल होने पहुंचे थे, लेकिन उनका यह दौरा पूरी तरह सियासी चर्चा का केंद्र बन गया। उनके बयानों ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज कर दी है और आने वाले चुनावों से पहले सियासी तापमान बढ़ा दिया है।


