नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में स्थित वेदांता लिमिटेड के पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर विस्फोट के बाद हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। हादसे में एक और घायल की मौत हो जाने से मृतकों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है, जबकि 9 अन्य घायल अभी भी विभिन्न अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, झारखंड निवासी मनीष कुमार, जो इस हादसे में गंभीर रूप से झुलस गए थे, ने रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उनकी मौत के साथ ही हादसे की भयावहता और बढ़ गई है। डॉक्टरों के मुताबिक, अस्पताल में भर्ती अन्य घायलों में से तीन की हालत अब भी बेहद नाजुक बनी हुई है, जिन पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम लगातार निगरानी रखे हुए है।
घायलों में से अधिकांश का इलाज रायगढ़ के जिंदल अस्पताल सहित अन्य चिकित्सा केंद्रों में चल रहा है। अस्पतालों के बाहर परिजनों की भीड़ लगी हुई है, जहां लोग अपने अपनों के ठीक होने की उम्मीद में दिन-रात इंतजार कर रहे हैं। इस हादसे ने कई परिवारों को गहरा आघात पहुंचाया है, क्योंकि मरने वालों में अधिकतर मजदूर वर्ग के लोग शामिल हैं, जो अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले थे।
बताया जा रहा है कि यह भीषण हादसा 14 अप्रैल की दोपहर प्लांट के बॉयलर-1 में ट्यूब फटने के कारण हुआ। विस्फोट इतना जोरदार था कि बॉयलर की संरचना बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और मौके पर ही कई मजदूर इसकी चपेट में आ गए। प्रारंभिक रिपोर्ट में संकेत मिले हैं कि प्लांट में तकनीकी खामियों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही थी, जिसके बावजूद संचालन जारी रखा गया। यही लापरवाही इस बड़े हादसे की वजह बन सकती है।
घटना के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जिम्मेदार अधिकारियों व प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। इससे पहले इस मामले में कंपनी के चेयरमैन सहित कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने की खबर भी सामने आ चुकी है।
यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते तकनीकी खामियों को दूर किया गया होता, तो इतनी बड़ी जनहानि को रोका जा सकता था। फिलहाल पूरे देश की नजर इस मामले की जांच और घायलों के इलाज पर टिकी हुई है।
छत्तीसगढ़ पावर प्लांट हादसा: वेदांता लिमिटेड प्लांट ब्लास्ट में मृतकों की संख्या 24 पहुंची, 9 घायल अब भी जिंदगी की जंग में


