पीड़िता धर्मशीला की पुकार—“मुझे न्याय चाहिए”, सिस्टम पर उठे तीखे सवाल,घेरे में कम्प्यूटर कक्ष
अमृतपुर फर्रुखाबाद
ओमवीर हत्याकांड में निलंबित की गईं थाना अध्यक्ष मोनू शाक्या की थाने में मौजूदगी का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। निलंबन के बावजूद उनका पूर्व विवेचक रवि सोलंकी के साथ थाने पहुंचना और करीब एक घंटे तक अंदर रहना पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया।
मामले ने उस वक्त और गंभीर रूप ले लिया जब पीड़िता धर्मशिला भी थाने पहुंची और उसने न्याय की गुहार लगाते हुए अपनी पीड़ा जाहिर की। पीड़िता का आरोप है कि उसकी शिकायतों पर उचित कार्रवाई नहीं हो रही और उसे लगातार अनदेखा किया जा रहा है।
इसी बीच थाने के कंप्यूटर कक्ष की गतिविधियों को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गईं। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, घटना के दौरान वहां असामान्य हलचल देखी गई, जिससे संभावित मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मामला जांच की मांग कर रहा है।
गौरतलब है कि थाना अध्यक्ष मोनू शाक्या को ओमवीर हत्याकांड के चलते निलंबित किया गया था। ऐसे में निलंबन के बावजूद थाने में उनकी मौजूदगी ने पुलिस व्यवस्था और नियमों के पालन पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
एसपी आरती सिंह ने लिया एक्शन
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही जा रही है।
जैसे ही इस मामले की जानकारी जिले की तेज तर्रार एसपी आरती सिंह को पता चली तो उन्होंने तत्काल ही जांच के निर्देश दे दिए उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में जो भी दोषी पाया जाएगा कार्रवाई की जाएगी।


