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Sunday, April 19, 2026

नाबालिग बेटी संग दरिंदगी से दुष्कर्म, थाना जहानगंज पुलिस नें नहीं की कार्यवाही

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– हल्का इंचार्ज पर आरोपी के पिता को हिरासत में ले कर वरी करने का आरोप
– घटना के बाद नहीं की कोई कार्यवाही,
– पुलिस अधीक्षक से पीड़िता और उसकी विधवा मां ने लगाई न्याय की गुहार

यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद/ जहानगंज। थाना क्षेत्र के एक चर्चित गांव में शर्मसार कर देने वाली घटना को अंजाम देकर दरिंदे ने बगैर पिता की नाबालिक बेटी साथ जबरिया दुष्कर्म की घटना को अंजाम दे दिया चौंकाने वाली बात तो तब सामने आई जब पुलिस ने पूरे मामले का संज्ञान लेने के बाद आरोपी के पिता को हिरासत में लेने के बाद न केवल छोड़ दिया बल्कि मुकदमा तक लिखने की जरूरत नहीं समझी पीडि़ता के चाचा से मनचाही तहरीर पर हस्ताक्षर करवा लिए, पीडि़त बेटी की बिधवा मां ने पुलिस अधीक्षक आरती सिंह से इंसाफ की गुहार लगाई है। इस घटना नें न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली को भी कटघरे में ला खड़ा किया है। विधवा महिला ने अपनी 13 वर्षीय नाबालिग बेटी के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में थाना पुलिस पर लीपापोती और आरोपी को बचाने का गंभीर आरोप लगाया है।
पीडि़ता की बिधवा माँ रानी देवी (काल्पनिक नाम), निवासी थाना क्षेत्र के अनुसार, 18 अप्रैल 2026 की रात करीब 8:30 बजे उनकी नाबालिग पुत्री, जो कक्षा 8 की छात्रा है, को गांव के ही एक युवक प्रतीक ने बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। परिजन जब बच्ची के देर तक घर न लौटने पर चिंतित हुए तो तलाश शुरू की गई। मोबाइल कॉल डिटेल खंगालने पर अंतिम कॉल आरोपी की मिली, जिससे संदेह गहराया।
आरोप है कि रात करीब 1:30 बजे बच्ची वापस मिली, लेकिन उसकी हालत बेहद खराब थी, कपड़े फटे हुए, मानसिक रूप से सहमी हुई। पीडि़ता ने परिजनों को बताया कि आरोपी उसे गांव के पास स्थित पानी की टंकी के पास ले गया और वहां उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी गई।
मामले की गंभीरता यहीं खत्म नहीं होती। पीडि़ता की मां का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद थाना जहानगंज पुलिस ने न तो तत्काल एफआईआर दर्ज की और न ही विधिक कार्रवाई की। उल्टा, उनके देवर से जबरन अपनी भाषा में प्रार्थना पत्र लिखवाकर हस्ताक्षर करा लिए गए। कई घंटे बीत जाने के बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं किया गया, जो पुलिस की संवेदनहीनता को उजागर करता है।
सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि आरोपी के पिता को पुलिस ने हिरासत में लेने के बाद कथित रूप से मोटी रकम लेकर छोड़ दिया। यदि यह आरोप सही साबित होता है, तो यह केवल एक आपराधिक लापरवाही नहीं बल्कि गंभीर भ्रष्टाचार और न्याय प्रक्रिया से खिलवाड़ का मामला बनता है। पीडि़ता पक्ष ने थाने और आरोपी के घर के सीसीटीवी फुटेज जांच की मांग भी की है, जिससे सच्चाई सामने आ सके।
बताया जा रहा है कि आरोपी का परिवार आर्थिक रूप से मजबूत है और स्थानीय स्तर पर प्रभाव रखता है, जिसके चलते पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करने से बच रही है। यही कारण है कि अब पीडि़ता परिवार ने सीधे पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है।
प्रार्थना पत्र में स्पष्ट मांग की गई है कि तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए, पीडि़ता का मेडिकल परीक्षण कराया जाए, और पूरे मामले की जांच किसी अन्य थाना या विशेष टीम से कराई जाए। साथ ही थाना जहानगंज के संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की उच्च स्तरीय जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग भी उठाई गई है।

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