क्षेत्र के सिलमी गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएम आवास) में अनियमितताओं की शिकायत सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया। शनिवार को ब्लॉक स्तरीय तीन सदस्यीय जांच टीम गांव पहुंची और मामले की गहन पड़ताल शुरू की।
यह शिकायत सिलमी गांव निवासी निखिल त्रिपाठी ने पिछले तहसील समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी को सौंपी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि गांव में पीएम आवास योजना के तहत गड़बड़ी हुई है और कुछ लाभार्थियों को नियमों के विपरीत आवास दिए गए हैं। इसी आधार पर उन्होंने मामले की जांच की मांग की थी।
जांच के दौरान टीम ने लगभग एक दर्जन लाभार्थियों के घरों का निरीक्षण किया और मौके पर जाकर आवासों की स्थिति की जांच की। अधिकारियों ने निर्माण कार्य, लाभार्थियों की पात्रता और योजना के तहत मिली सुविधाओं का बारीकी से परीक्षण किया।
इस जांच टीम में एडीओ एग्रीकल्चर मनोज सिंह और एडीओ कोऑपरेटिव शरद विक्रम सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि यह केवल प्रारंभिक जांच है और अभी कई अन्य आवासों का निरीक्षण किया जाना बाकी है।
एडीओ एग्रीकल्चर मनोज सिंह ने कहा कि पूरी जांच प्रक्रिया के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी और विस्तृत रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आएगी।


