संभल जिले के बहजोई कस्बे में कब्रिस्तान की भूमि पर अवैध कब्जे का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। नगर पालिका द्वारा नोटिस जारी किए जाने के करीब तीन महीने बाद भी न तो कब्जे हटाए गए हैं और न ही प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई की गई है, जिससे स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
नगर पालिका परिषद बहजोई ने तहसील चंदौसी की रिपोर्ट के आधार पर गाटा संख्या 756 की 0.5140 हेक्टेयर कब्रिस्तान भूमि पर अवैध रूप से बनी 13 दुकानों को चिन्हित किया था। इन दुकानदारों को एक सप्ताह के भीतर कब्जा हटाने के निर्देश देते हुए नोटिस भी जारी किया गया था, लेकिन निर्धारित समयसीमा बीतने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
मौके पर स्थिति यह है कि कब्रिस्तान की भूमि का बड़ा हिस्सा पहले ही कब्जे में लिया जा चुका है, और उसके आसपास पक्के निर्माण भी दिखाई दे रहे हैं। केवल 13 दुकानें ही नहीं, बल्कि कई अन्य पक्के मकानों के निर्माण की भी बात सामने आई है, हालांकि राजस्व विभाग की ओर से इनका औपचारिक चिन्हांकन अभी नहीं किया गया है।
इस मामले पर चंदौसी की एसडीएम नीतू रानी ने कहा कि कुछ लोगों ने नोटिस का जवाब दिया है और उनके दस्तावेजों की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि नगर पालिका से पूरी जानकारी ली जा रही है और जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नगर पालिका के रिकॉर्ड के अनुसार, इस भूमि पर पिछले लगभग 15 वर्षों से कब्जा बना हुआ है। वहीं जिले में प्रशासन अवैध निर्माणों के खिलाफ लगातार सख्त अभियान चला रहा है और कई जगहों पर बुलडोजर कार्रवाई भी की जा चुकी है, ऐसे में बहजोई के इस मामले में देरी चर्चा का विषय बनी हुई है।
जिन लोगों को नोटिस जारी किया गया है उनमें अख्तर पुत्र मुख्तार, साबिर पुत्र घासी, हशरत अली पुत्र हाशम अली, शहजाद पुत्र जागन, इरशाद पुत्र सददू, अबरार पुत्र निसार, पप्पू पुत्र वाहिद, शफिया पुत्र अजीज, राशिद, जाहिद और अख्तियार सहित अन्य नाम शामिल हैं। फिलहाल प्रशासनिक जांच जारी है और आगे की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।


