संभल जिले में एलपीजी गैस कनेक्शनों की ई-केवाईसी अधूरी होने के कारण बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिले में करीब 20 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने पिछले 2 से 3 वर्षों से अपनी ई-केवाईसी पूरी नहीं कराई है, जिसके चलते उन्हें गैस सिलेंडर प्राप्त करने में दिक्कत आ रही है।
गुरुवार को जिले की 39 गैस एजेंसियों के माध्यम से लगभग 10,500 एलपीजी सिलेंडरों का वितरण किया गया। हालांकि इस दौरान करीब 200 उपभोक्ता ऐसे सामने आए, जिनकी ई-केवाईसी अधूरी होने के कारण उन्हें सिलेंडर नहीं मिल सका और वे खाली हाथ वापस लौटने को मजबूर हुए।
स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कई उपभोक्ताओं को घरेलू गैस न मिलने पर चूल्हे पर खाना बनाने की नौबत आ गई। एक मामला ऐसा भी सामने आया, जिसमें एक मां अपने बेटे के मजदूरी पर जाने के बाद घर में गैस खत्म होने पर सिलेंडर लेने पहुंची, लेकिन ई-केवाईसी पूरी न होने के कारण उसे भी सिलेंडर नहीं मिल सका।
जिला पूर्ति अधिकारी शिवि गर्ग ने बताया कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है और सभी एजेंसियों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि ई-केवाईसी की प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जा रहा है और उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है, जहां शिकायत मिलने पर तुरंत समाधान किया जाएगा।
वहीं कुछ उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। गांव पैंतिया निवासी महेश कुमार ने बताया कि उन्होंने समय पर बुकिंग की थी और ओटीपी आने के बाद उन्हें आसानी से सिलेंडर मिल गया। उन्होंने अपने कनेक्शन को दूसरी एजेंसी पर ट्रांसफर कराने की प्रक्रिया का भी उल्लेख किया।
दूसरी ओर, गांव रसूलपुर की सोमवती ने बताया कि घर में गैस खत्म होने के कारण उन्हें देरी से सिलेंडर लेना पड़ा और इस दौरान उन्हें चूल्हे पर खाना बनाना पड़ा। इसी तरह कोट गर्वी मोहल्ले की मुरादन नामक महिला ने बताया कि वह दोपहर से एजेंसी पर इंतजार कर रही हैं, लेकिन ओटीपी न आने के कारण उनकी ई-केवाईसी पूरी नहीं हो सकी और उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कुल मिलाकर ई-केवाईसी की अनिवार्यता ने कई उपभोक्ताओं के लिए असुविधा खड़ी कर दी है, जबकि प्रशासन का कहना है कि प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्थिति सामान्य हो जाएगी और सभी उपभोक्ताओं को नियमित रूप से गैस आपूर्ति मिलती रहेगी।


