कुशीनगर: यूपी के कुशीनगर (Kushinagar) में तमकुहीराज थाना क्षेत्र में हुए एक दिल दहला देने वाले हत्याकांड में अदालत ने बड़ा और कड़ा फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश सत्यपाल सिंह प्रेमी की अदालत ने आरोपी गोविन्द कुमार (35) को अपनी ही भाभी की हत्या के मामले में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास (life imprisonment) की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने आरोपी पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में उसे 5 माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
यह सनसनीखेज घटना 24 नवंबर 2022 की है। गांव हरिहरपुर, थाना तमकुहीराज में घरेलू विवाद ने अचानक खूनी रूप ले लिया। मृतका के पति दीपक सिंह के अनुसार, उसका छोटा भाई गोविन्द कुमार घर में झगड़ा कर रहा था। उसी दौरान उसने गुस्से में आकर अपनी भाभी नीतू (32) पर हमला कर दिया। जब उनकी 7 साल की बेटी स्कूल से घर लौटी तो उसने अपनी मां को खून से लथपथ हालत में आंगन में पड़ा देखा। बच्ची की चीख-पुकार के बाद परिजन और पड़ोसी मौके पर पहुंचे।
जांच में सामने आया कि आरोपी ने कुल्हाड़ी और सिलबट्टे से वार कर महिला की बेरहमी से हत्या कर दी थी। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने मामले में धारा 302 (हत्या) के तहत केस दर्ज कर आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 7 गवाह पेश किए। जिनमें मृतका का पति (मुख्य गवाह) मासूम बेटी (प्रत्यक्षदर्शी) डॉक्टर (पोस्टमार्टम रिपोर्टविवेचक व अन्य गवाह शामिल रहे,सभी साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया, क्यों नहीं मिली फांसी, अदालत ने अपने फैसले में साफ कहा कि यह मामला “रेयर टू रेयर” की श्रेणी में नहीं आता।
हालांकि अपराध बेहद जघन्य था, लेकिन परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने मृत्युदंड की बजाय उम्रकैद को उचित माना। यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि पारिवारिक विवाद किस तरह खौफनाक अपराध में बदल सकता है। अदालत का सख्त फैसला समाज के लिए एक बड़ा संदेश है कि कानून से कोई भी ऊपर नहीं।


