शमशाबाद, फर्रुखाबाद। मौसम के लगातार बदलते मिजाज का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। कभी तेज गर्मी, कभी ठंडी हवाएं और बीच-बीच में हो रही बारिश के कारण वायरल संक्रमण और मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसका अंदाजा रविवार को जिले के विभिन्न प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेलों में उमड़ी मरीजों की भीड़ से लगाया जा सकता है।
स्वास्थ्य मेलों में पहुंचे लोगों ने चिकित्सकों से परामर्श लेने के साथ आवश्यक जांचें कराईं और निर्धारित दवाइयां प्राप्त कीं। चिकित्सकों के अनुसार इन दिनों खांसी, जुकाम, बुखार, त्वचा रोग और एलर्जी संबंधी शिकायतें लेकर बड़ी संख्या में मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों में इन बीमारियों का प्रभाव अधिक देखा जा रहा है।
रविवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फैजबाग में आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले का संचालन चिकित्सक डॉ. अमित कुमार के नेतृत्व में किया गया। मेले में कुल 52 मरीजों का पंजीकरण कर उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
इस दौरान लैब टेक्नीशियन अलका ने 13 मरीजों की शुगर जांच की। जांच और चिकित्सकीय परामर्श के बाद सभी मरीजों को आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। फार्मासिस्ट वीरेंद्र राजपूत ने बताया कि मरीजों को उनकी बीमारी के अनुरूप निशुल्क दवाएं वितरित की गईं। मेले के आयोजन में वार्ड बॉय राजेश कुमार ने भी सहयोग प्रदान किया।
डॉ. अमित कुमार ने बताया कि शिविर में आने वाले अधिकांश मरीज वायरल बुखार, खांसी और जुकाम जैसी समस्याओं से ग्रसित पाए गए। कुछ मरीजों में त्वचा संबंधी रोगों के लक्षण भी मिले, जिन्हें आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया गया।
वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पसियापुर में भी मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया। यहां फार्मासिस्ट शैलेंद्र कुमार के नेतृत्व में मरीजों का परीक्षण और उपचार किया गया।
लैब टेक्नीशियन नेहा महरूस द्वारा विभिन्न प्रकार की जांचें की गईं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार शिविर में पांच लोगों की शुगर, चार मरीजों का रक्तचाप, दो लोगों की मलेरिया तथा दो मरीजों की टाइफाइड जांच की गई। डेंगू जांच में कोई भी मरीज संक्रमित नहीं पाया गया।
फार्मासिस्ट शैलेंद्र कुमार ने बताया कि यहां भी सबसे अधिक मरीज खांसी, जुकाम और बुखार की शिकायत लेकर पहुंचे। इसके अलावा कुछ लोगों में दाद, खाज और खुजली जैसी त्वचा संबंधी समस्याएं भी पाई गईं। सभी मरीजों को चिकित्सकीय सलाह के अनुरूप दवाइयां उपलब्ध कराई गईं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है, जिससे वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। चिकित्सकों ने लोगों से साफ-सफाई बनाए रखने, पर्याप्त पानी पीने, संतुलित आहार लेने तथा किसी भी बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेने की अपील की है।
बदलते मौसम का असर: आरोग्य स्वास्थ्य मेलों में उमड़े मरीज, सर्दी-जुकाम और बुखार के मामलों में बढ़ोतरी


