फर्रुखाबाद/लखनऊ
आलू की गिरती कीमतों से परेशान किसानों ने अब गौशालाओं में आलू को पशु आहार के रूप में शामिल करने की मांग उठाई है। इस संबंध में आलू विकास विपणन सहकारी संघ के निदेशक अशोक कटियार के नेतृत्व में किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने दुग्ध विकास एवं पशुधन विकास मंत्री धर्मपाल सिंह को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में किसानों ने बताया कि वर्तमान समय में आलू के दाम लगातार गिर रहे हैं, जिससे किसान भारी आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। दूसरी ओर सरकार गौशालाओं में पशुओं के लिए छह से दस रुपये प्रति किलो की दर से भूसा खरीद कर खिला रही है। किसानों का कहना है कि आलू एक सस्ता और पौष्टिक विकल्प है, जिसे पशु चारे के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
प्रतिनिधिमंडल ने तर्क दिया कि यदि गौशालाओं में आलू को चारे के रूप में शामिल किया जाता है तो इससे दोहरा लाभ होगा—एक ओर किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा, वहीं दूसरी ओर सरकार के खर्च में भी कमी आएगी।
इस दौरान भाजपा मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, अतुल कुमार दीक्षित, प्रभाकर राजपूत, पूर्व मंडल अध्यक्ष रामलड़ैते राजपूत, ममता सिंह और सभासद अजीत दिवाकर भी मौजूद रहे।
अशोक कटियार ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि आलू किसानों के हित में जल्द से जल्द ठोस नीति बनाई जाए। साथ ही इस मुद्दे पर गंभीर विचार के लिए संसद और विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की भी मांग की गई। उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही मुख्यमंत्री से मिलकर किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
गौशालाओं में आलू खिलाने की नीति बनाने की मांग, किसानों ने मंत्री धर्मपाल सिंह को सौंपा ज्ञापन


