पटना। बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां करीब दो दशक बाद राज्य को नया मुख्यमंत्री मिला है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी ने आज मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर सत्ता संभाल ली। उनके साथ जनता दल (यूनाइटेड) के दिग्गज नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। इस प्रकार बिहार में नई सरकार का औपचारिक गठन हो गया है, जिसे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की नई पारी के रूप में देखा जा रहा है।
राजधानी पटना स्थित लोकभवन में आयोजित भव्य शपथग्रहण समारोह में देश और प्रदेश के कई बड़े नेता मौजूद रहे। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत एनडीए के कई वरिष्ठ नेताओं ने इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे और पूरे परिसर में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद सम्राट चौधरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे आज से ही बिहार के विकास के लिए काम शुरू कर देंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में “मोदी-नीतीश मॉडल” के आधार पर ही विकास कार्य आगे बढ़ाए जाएंगे। उनका संकेत साफ था कि केंद्र सरकार के नेतृत्व में नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नीतियों को ही आगे बढ़ाया जाएगा।
इस मौके पर सम्राट चौधरी के पिता शकुनी चौधरी ने भावुक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह पद उन्हें ईश्वर की कृपा और वरिष्ठ नेताओं के आशीर्वाद से मिला है। उन्होंने विशेष रूप से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार का आभार व्यक्त किया।
नई सरकार के गठन पर राजनीतिक गलियारों में लगातार प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। भाजपा नेता दिलीप जायसवाल ने इसे बिहार के लिए ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि सम्राट चौधरी, नीतीश कुमार के “विकसित बिहार” के सपने को साकार करेंगे। वहीं केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि नीतीश कुमार के लंबे शासनकाल के दौरान जो भी कमियां रह गई होंगी, उन्हें अब नई सरकार दूर करेगी।
शपथग्रहण समारोह में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी सम्राट चौधरी को बधाई देते हुए विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में बिहार नई ऊंचाइयों को छुएगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह नीतीश कुमार ने राज्य को ‘जंगलराज’ से बाहर निकालकर स्थिरता दी, उसी दिशा में नई सरकार आगे बढ़ेगी।
नई सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। सूत्रों के अनुसार, जेडीयू और भाजपा के अलावा सहयोगी दलों से भी कई नेताओं को मंत्री बनाया जा सकता है। भाजपा से विजय सिन्हा, मंगल पांडेय, रामकृपाल यादव और श्रेयसी सिंह जैसे नामों की चर्चा है, जबकि जेडीयू से कई वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह बदलाव बिहार की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत माना जा रहा है। जहां एक ओर अनुभव और युवा नेतृत्व का संतुलन देखने को मिल रहा है, वहीं केंद्र और राज्य के समन्वय से विकास को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि सम्राट चौधरी अपने नेतृत्व में बिहार को विकास की नई दिशा में कितनी तेजी से आगे बढ़ा पाते हैं।
नई सरकार का काम शुरू, बिहार में मोदी-नीतीश का मॉडल ही चलेगा : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी


