11 वर्षों से चल रही अल्ट्रासाउंड मशीन हुई बेजान, बदलवाने की मांग
फर्रुखाबाद। जनपद के प्रमुख सरकारी अस्पताल डॉ राम मनोहर लोहिया चिकित्सालय में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल के अल्ट्रासाउंड कक्ष में वर्षों पुरानी मशीन से जांच किए जाने के कारण मरीजों को सही रिपोर्ट नहीं मिल पा रही है, जिससे उनकी बीमारियों का सटीक पता लगाना चिकित्सकों के लिए मुश्किल हो रहा है।
जानकारी के अनुसार, अस्पताल में लगी अल्ट्रासाउंड मशीन करीब 11 वर्षों से लगातार उपयोग में है। इतनी लंबी अवधि तक उपयोग के चलते मशीन की गुणवत्ता प्रभावित हो चुकी है, जिसके चलते जांच रिपोर्ट स्पष्ट नहीं आ रही। इसका सीधा असर मरीजों के इलाज पर पड़ रहा है।
मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि कई बार जांच रिपोर्ट सही न आने के कारण उन्हें निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे उनके ऊपर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। वहीं, चिकित्सकों को भी सही जानकारी न मिलने से इलाज में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सूत्रों के अनुसार, इस समस्या को लेकर अस्पताल प्रशासन को कई बार अवगत कराया जा चुका है और नई मशीन लगाने की मांग भी उठाई गई है। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। बताया जा रहा है कि बजट के अभाव में मशीन को बदला नहीं जा रहा है।
स्थानीय लोगों और मरीजों ने प्रशासन से जल्द से जल्द नई और आधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि मरीजों को बेहतर और सटीक जांच सुविधा मिल सके। अब देखना यह होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस गंभीर समस्या पर कब तक संज्ञान लेकर समाधान करता है।
लोहिया चिकित्सालय में पुरानी अल्ट्रासाउंड मशीन से मरीजों की जांच प्रभावित


