31 C
Lucknow
Tuesday, April 14, 2026

कागजी विकास: फाइलों में दबा बढ़पुर तालाब, गंदगी से घिरा इलाका बीमारियों के साये में

Must read

फर्रुखाबाद। शहर में विकास के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। जहां विकास की सबसे ज्यादा जरूरत है, वहीं योजनाएं कागजों में दम तोड़ती नजर आ रही हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण बढ़पुर मंदिर के पीछे फैला विशाल तालाब है, जिसका सुंदरीकरण वर्षों से सिर्फ फाइलों में कैद होकर रह गया है।
करीब दो साल पहले तालाब के सुंदरीकरण का मसौदा तैयार किया गया था। उम्मीद जगी थी कि क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी, लेकिन आज तक न तो तालाब की ठीक से नाप हो सकी और न ही कोई ठोस डिजाइन सामने आया। नतीजा यह है कि कई बीघे में फैला यह तालाब बदहाली की मार झेल रहा है।
तालाब में नलों के जरिए पानी भरता रहता है, जिससे पूरे क्षेत्र में जलभराव बना रहता है। गंदगी का अंबार लग चुका है और सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप है। हालात इतने खराब हैं कि आसपास रहने वाले लोगों पर बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब तालाब का पानी किनारे बने मकानों तक पहुंच जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतें की गईं, आंदोलन भी हुए, लेकिन जिम्मेदारों ने सिर्फ आश्वासन ही दिए। जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। सवाल यह है कि आखिर कब तक यह तालाब यूं ही बदहाली में आंसू बहाता रहेगा और कब कागजी विकास हकीकत में बदलेगा?
फिलहाल, बढ़पुर तालाब का सुंदरीकरण अधर में लटका हुआ है और जिम्मेदारों की उदासीनता साफ नजर आ रही है। अगर जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह लापरवाही किसी बड़े स्वास्थ्य संकट का कारण बन सकती है।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article