लखनऊ
राजधानी के कांशीराम कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों में प्रीपेड स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों का गुस्सा सोमवार को खुलकर सामने आया, जब करीब 600 उपभोक्ताओं ने लौलाई उपकेंद्र पर सुबह से शाम तक कब्जा जमाए रखा। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग थी कि प्रीपेड मीटर हटाए जाएं और बकाया के चलते काटी गई लगभग 350 घरों की बिजली तत्काल बहाल की जाए।
सुबह करीब 10:30 बजे उपकेंद्र पहुंचे लोग शाम 7:30 बजे तक वहीं डटे रहे। इस दौरान आक्रोशित भीड़ ने बिजली विभाग के कर्मचारियों को उपकेंद्र के अंदर ही रोक लिया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने हालात संभालने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अजीज और राजवीर सहित अन्य लोगों का कहना था कि दो दिन पहले हुए घेराव के दौरान अधिकारियों ने प्रीपेड मीटर हटाने का आश्वासन दिया था, लेकिन उसे लागू नहीं किया गया। इसके उलट मामूली बकाया, करीब 100 रुपये, पर ही बिजली काट दी गई, जिससे लोगों में भारी नाराजगी फैल गई। इसी के विरोध में महिलाएं, पुरुष और बच्चे सड़क किनारे टेंट लगाकर धरने पर बैठ गए और जमकर नारेबाजी की।
दोपहर बाद वार्ता के लिए पहुंचे कमता क्षेत्र के एसडीओ ने मीटर हटाने से इनकार कर दिया, जिससे भीड़ और उग्र हो गई। हालात बिगड़ते देख एसडीओ मौके से निकल गए। शाम करीब 6:30 बजे क्षेत्रीय विधायक योगेश शुक्ला मौके पर पहुंचे, जिन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं और बिजली विभाग के अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए। हालांकि वरिष्ठ अधिकारियों के मौके पर न पहुंचने पर उन्होंने नाराजगी भी जताई।
वहीं अधीक्षण अभियंता प्रेमलता ने स्पष्ट किया कि बिना बकाया जमा किए बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की जा सकती और आगे की कार्रवाई उच्च प्रबंधन के निर्देशों के अनुसार ही होगी।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो मंगलवार को फिर से उपकेंद्र का घेराव किया जाएगा। इस दौरान मुख्य अभियंता सुशील गर्ग द्वारा मौके पर पहुंचकर समस्या सुनने की बात कही गई है।
यह पूरा मामला न केवल बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि प्रीपेड मीटर व्यवस्था को लेकर आम जनता में बढ़ते असंतोष को भी उजागर करता है।


