लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, महंगाई और प्रशासनिक अव्यवस्था चरम पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जनहित और जनकल्याण के मोर्चे पर पूरी तरह विफल साबित हुई है तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का काम कर रही है।
समाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय स्थित डॉ. राममनोहर लोहिया सभागार में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है। महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, जबकि नौजवान रोजगार के लिए भटक रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षाएं पेपर लीक की भेंट चढ़ रही हैं और शिक्षा संस्थानों में फीस वृद्धि के कारण गरीब एवं मध्यम वर्ग के छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार संविधान प्रदत्त आरक्षण व्यवस्था के भी खिलाफ है और आम जनता के अधिकारों पर लगातार प्रहार कर रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग कर विपक्षी आवाजों को दबाने की कोशिश की जा रही है तथा फर्जी मुकदमों और उत्पीड़न के जरिए जनता को परेशान किया जा रहा है।
अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं को 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए तैयार रहने का आह्वान करते हुए कहा कि यह सिर्फ सत्ता परिवर्तन का नहीं बल्कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का चुनाव होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता का भरोसा समाजवादी पार्टी पर है और पीडीए समाज परिवर्तन के लिए तैयार बैठा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर भाजपा को सत्ता से बाहर करने और प्रदेश में समाजवादी सरकार बनाने के लिए जुट जाने का आह्वान किया।
सपा अध्यक्ष के इस बयान को 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच विपक्ष के चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक हलकों में उनके इस हमले को भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच बढ़ते राजनीतिक संघर्ष का संकेत माना जा रहा है।


