, बंगाल में हुमायूं कबीर हिरासत में;
नंदीग्राम में भी आरोप-प्रत्यारोप
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी की छह विधानसभा और लोकसभा सीटों पर मंगलवार को उपचुनाव के लिए मतदान जारी है। सबसे ज्यादा सियासी नजर पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर सीटों पर है। मतदान के बीच रेजीनगर से जुड़े नेता और आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर को मुर्शिदाबाद स्थित पार्टी कार्यालय से पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस ने उन पर चुनाव में अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। उनके बेटे भी रेजीनगर से चुनाव मैदान में हैं।
नंदीग्राम में कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान ने आरोप लगाया कि उनके मतदान एजेंटों को धमकाया और जबरन उठाया जा रहा है। उन्होंने क्षेत्र में खुलेआम दबाव बनाए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि मतदाताओं को बिना किसी डर के मतदान करने दिया जाना चाहिए। वहीं मुर्शिदाबाद के कुछ बूथों पर मतदाताओं ने भी असामाजिक तत्वों द्वारा मतदान से रोकने के आरोप लगाए हैं।
नंदीग्राम में मतदान से एक दिन पहले चुनाव आयोग ने थाने के प्रभारी को भी बदल दिया। मौजूदा अधिकारी अजय कुमार मिश्रा को हटाकर देबाशीष सरकार को नया प्रभारी बनाया गया। विपक्षी दलों ने अधिकारी पर सत्ताधारी दल के करीब होने का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग से शिकायत की थी। इसके बाद आयोग ने यह कार्रवाई की।
पश्चिम बंगाल में इस बार मुकाबला इसलिए भी अहम है क्योंकि मई में हुए विधानसभा चुनाव के बाद पहली बार उपचुनाव में ममता बनर्जी न मुख्यमंत्री हैं, न विधायक और न ही उम्मीदवार। नंदीग्राम में कांग्रेस प्रत्याशी को ममता का समर्थन है, जबकि भाजपा ने अपने प्रत्याशी को मैदान में उतारा है। रेजीनगर में भाजपा, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस के दोनों धड़ों, वाम दल और हुमायूं कबीर की पार्टी के बीच मुकाबला है।
इसके अलावा तमिलनाडु की मदुरांतकम और धारापुरम, पुडुचेरी की थट्टानचावडी विधानसभा सीट और असम की नगांव लोकसभा सीट पर भी मतदान हो रहा है। सभी मतदान केंद्रों पर ईवीएम और वीवीपैट का इस्तेमाल किया जा रहा है। चुनाव परिणाम 9 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। इन उपचुनावों के नतीजे भले ही किसी सरकार का भविष्य तय नहीं करेंगे, लेकिन विधानसभा चुनावों के बाद बदलते राजनीतिक समीकरणों और दलों की जमीनी पकड़ का संकेत जरूर देंगे।


