क्रासर
बढ़पुर के विकास नगर में शनिवार सुबह मिला नवजात, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया; निजी क्लीनिकों की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
फर्रुखाबाद। जिले में अवैध रूप से संचालित झोलाछाप अस्पतालों और क्लीनिकों की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। शनिवार सुबह बढ़पुर स्थित विकास नगर के निकट शिव हॉस्पिटल के पास एक नवजात शिशु का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने नवजात के शव को कब्जे में लेकर डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के शवगृह में सुरक्षित रखवा दिया तथा मामले की जांच शुरू कर दी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले में कई निजी अस्पताल और क्लीनिक बिना मानकों के संचालित हो रहे हैं। आरोप है कि कुछ स्थानों पर मोटी रकम लेकर अवैध गर्भपात कराए जाते हैं, जिससे समय-समय पर इस प्रकार की घटनाएं सामने आती रहती हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है और पुलिस जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
बताया जाता है कि आवास विकास कॉलोनी से लेकर मसेनी चौराहा तक कई निजी अस्पताल और क्लीनिक संचालित हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इनमें से कुछ संस्थानों में सरकारी अस्पताल आने वाले मरीजों को भी बहला-फुसलाकर निजी इलाज के लिए ले जाया जाता है। इसके अलावा कई क्लीनिकों के संचालन और उपचार व्यवस्था को लेकर भी समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूर्व में अवैध क्लीनिकों और झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई भी की गई थी। कई अस्पतालों पर छापेमारी हुई और नोटिस जारी किए गए, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्रवाई के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका है। उनका आरोप है कि कुछ समय तक सख्ती के बाद फिर से अवैध गतिविधियां शुरू हो जाती हैं।
शनिवार को नवजात का शव मिलने की घटना ने स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि यदि निजी अस्पतालों और क्लीनिकों की नियमित जांच तथा कड़ी निगरानी हो, तो इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नवजात का शव वहां कैसे पहुंचा। साथ ही, यदि जांच में किसी अस्पताल या व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, स्वास्थ्य विभाग से भी पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई किए जाने की मांग उठ रही है।
झोलाछाप अस्पतालों पर फिर उठे सवाल: शिव हॉस्पिटल के पास मिला नवजात का शव, अवैध गर्भपात के खेल पर कार्रवाई की मांग तेज


