– सांसद रमेश अवस्थी ने घर पहुंच दी सांत्वना
कानपुर। रूस-यूक्रेन युद्ध की विभीषिका ने उत्तर प्रदेश के कानपुर के एक और परिवार की खुशियां छीन लीं। मर्चेंट नेवी के अधिकारी सागर गुप्ता की ब्लैक सी (काला सागर) में जहाज पर हुए हमले में दर्दनाक मौत हो गई। अब परिवार को उनके पार्थिव शरीर का इंतजार है, जिसके अगले 3 से 4 दिनों में भारत पहुंचने की संभावना है।
जानकारी के अनुसार, 18 जुलाई को ब्लैक सी में संचालित मर्चेंट शिप पर हुए हमले में सागर गुप्ता की जान चली गई। घटना के बाद से परिजन लगातार केंद्र सरकार से उनके पार्थिव शरीर को भारत लाने की मांग कर रहे थे। सरकार और संबंधित एजेंसियां इस प्रक्रिया को तेजी से पूरा कराने में जुटी हैं।
इस बीच कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी ने सागर गुप्ता के आवास पहुंचकर शोकाकुल परिवार से मुलाकात की। उन्होंने परिजनों को सांत्वना देते हुए भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार इस पूरे मामले पर गंभीरता से काम कर रही है और पार्थिव शरीर को जल्द स्वदेश लाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
सांसद ने कहा कि यह केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे देश की पीड़ा है। विदेश मंत्रालय से लगातार संपर्क बनाए रखा गया है ताकि सभी औपचारिकताएं शीघ्र पूरी हों और सागर गुप्ता का पार्थिव शरीर सम्मानपूर्वक उनके घर पहुंच सके।
रूस-यूक्रेन युद्ध का असर केवल युद्ध क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया भर में समुद्री व्यापार और मर्चेंट नेवी से जुड़े भारतीय नागरिक भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। सागर गुप्ता की मौत ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा और भारतीय नाविकों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब पूरा कानपुर अपने बेटे की अंतिम विदाई का इंतजार कर रहा है। परिवार की आंखें नम हैं और हर किसी की यही प्रार्थना है कि सागर गुप्ता का पार्थिव शरीर जल्द अपने वतन पहुंचे, ताकि उन्हें पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जा सके।
रूस-यूक्रेन युद्ध की आग में बुझ गया कानपुर का लाल, 3-4 दिन में पहुंचेगा सागर गुप्ता का पार्थिव शरीर


