लखनऊ। भगवान शिव की आराधना को समर्पित पवित्र श्रावण (सावन) मास का शुभारंभ आज से हो गया। सावन के पहले दिन ही प्रदेशभर के शिवालयों में सुबह से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालु विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और रुद्राभिषेक कर सुख-समृद्धि एवं कल्याण की कामना कर रहे हैं।
सावन मास के साथ ही कांवड़ यात्रा का भी शुभारंभ हो गया है। गंगाजल लेने के लिए बड़ी संख्या में कांवड़िए हरिद्वार, गंगोत्री, गौमुख, प्रयागराज, काशी, गढ़मुक्तेश्वर, सोरों सहित विभिन्न तीर्थस्थलों की ओर रवाना हो रहे हैं। वहीं गंगाजल लेकर लौट रहे शिवभक्त अपने-अपने क्षेत्रों के शिवालयों में भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे।
कांवड़ यात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। यात्रा मार्गों, प्रमुख शिव मंदिरों और संवेदनशील स्थानों पर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। प्रदेशभर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस, पीएसी और अन्य सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है, ताकि यात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सके।
यात्रा की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी कैमरों का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। इसके अलावा नियंत्रण कक्षों से यात्रा मार्गों पर लगातार नजर रखी जा रही है। भीड़ प्रबंधन, यातायात संचालन और आपातकालीन सहायता के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी लागू की गई हैं।
प्रदेश के प्रमुख शिवधामों,काशी विश्वनाथ, अयोध्या, गोरखनाथ क्षेत्र के शिवालयों, बटेश्वर, देवबंद, प्रयागराज, झांसी, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत, गाजियाबाद, नोएडा और राजधानी लखनऊ सहित विभिन्न जिलों के मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान निर्धारित मार्गों का पालन करें, यातायात नियमों का सम्मान करें तथा किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। अधिकारियों के अनुसार, सावन और कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।


