लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लाखों राशन कार्डधारकों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जरिए खाद्यान्न उपलब्ध कराने वाले राशन कोटेदारों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश सरकार कोटेदारों का लाभांश (कमीशन) बढ़ाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। शासन स्तर पर इस संबंध में प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, हरियाणा, दिल्ली और गुजरात जैसे राज्यों में राशन कोटेदारों को उत्तर प्रदेश की तुलना में कई गुना अधिक लाभांश मिलता है। इसी व्यवस्था का अध्ययन कर उत्तर प्रदेश में भी लाभांश बढ़ाने की तैयारी की जा रही है, ताकि कोटेदारों को आर्थिक राहत मिल सके और सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और प्रभावी बनाया जा सके।
शासन ने संबंधित अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर भेजने के निर्देश दिए हैं। प्रस्ताव में अन्य राज्यों की व्यवस्था, वित्तीय प्रभाव और संभावित नए लाभांश का पूरा खाका शामिल किया जाएगा।
यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो प्रदेश के हजारों राशन कोटेदारों को इसका सीधा लाभ मिलेगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि होने के साथ-साथ खाद्यान्न वितरण व्यवस्था भी और सुदृढ़ होने की उम्मीद है।


