नई दिल्ली। सावन माह में आयोजित होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर दिल्ली सरकार श्रद्धालुओं और शिविर संचालकों के लिए बड़ी राहत देने की तैयारी में है। सरकार ने कांवड़ शिविरों को मिलने वाली अनुदान राशि बढ़ाने का फैसला किया है। प्रस्ताव के अनुसार अब पात्र शिविरों को अधिकतम 15 लाख तक की वित्तीय सहायता दी जा सकेगी।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, कांवड़ शिविरों को 1,200 यूनिट तक मुफ्त बिजली की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे शिविर संचालन में आने वाले खर्च का बोझ कम होगा। हर वर्ष लाखों कांवड़िए दिल्ली से होकर गुजरते हैं, जिनकी सेवा के लिए विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठन अस्थायी शिविर स्थापित करते हैं।
अनुदान राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से सीधे पात्र संस्थाओं के बैंक खातों में भेजी जाएगी। यह राशि दो किस्तों में जारी करने का प्रस्ताव है, ताकि धनराशि का पारदर्शी और समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
इस संबंध में विस्तृत प्रस्ताव आज दिल्ली कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद नई व्यवस्था लागू की जाएगी।
सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य कांवड़ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना, शिविरों की व्यवस्थाओं को मजबूत बनाना और अनुदान वितरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाना है।


