लखनऊ/नई दिल्ली। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने नीट प्रश्नपत्र लीक मामले और उससे जुड़े छात्र आंदोलन के राजनीतिकरण पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है, लेकिन सरकार और विपक्ष के बीच बढ़ती राजनीतिक खींचतान के कारण शिक्षा सुधार का मूल मुद्दा पीछे छूटने का खतरा पैदा हो गया है।
मायावती ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक जैसे गंभीर मामलों पर व्यापक और स्थायी सुधार की आवश्यकता है। उनका कहना है कि सड़क से संसद तक इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव बढ़ता जा रहा है, जिससे कई स्थानों पर तनाव और हिंसक घटनाएं भी सामने आ रही हैं। उन्होंने आशंका जताई कि यदि यही स्थिति बनी रही तो शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा प्रभावित हो सकती है।
बसपा प्रमुख ने यह भी कहा कि सरकार प्रश्नपत्र लीक के बाद कार्रवाई तो कर रही है, लेकिन ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी और ठोस उपाय पर्याप्त रूप से दिखाई नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि संसद का मानसून सत्र भी इस विवाद की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है, जिससे जनहित के महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा प्रभावित हो रही है।
मायावती ने अपने समर्थकों से संयम बनाए रखने और सामाजिक परिवर्तन के मिशन के प्रति पूरी निष्ठा से कार्य करने की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे पर सभी दलों को राजनीति से ऊपर उठकर शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में काम करना चाहिए।


