नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन और NEET पेपर लीक विवाद के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ा राजनीतिक हमला बोला। लेफ्ट छात्र संगठनों और अनशन पर बैठे छात्रों के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने सरकार के सामने तीन स्पष्ट मांगें रखते हुए कहा कि इन पर किसी भी तरह का समझौता नहीं होगा। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, छात्र प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग करने वाले पुलिसकर्मियों व अधिकारियों पर कार्रवाई तथा पूरे घटनाक्रम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सार्वजनिक माफी की मांग की।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचा है और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है। उन्होंने कहा कि केवल मंत्रालय बदलना स्वीकार्य नहीं होगा, बल्कि शिक्षा मंत्री को मंत्रिमंडल से हटाना ही छात्रों की पहली मांग है। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रों का जिक्र करते हुए कहा कि लाठीचार्ज और कथित हिंसा के जिम्मेदार अधिकारियों को जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।
दूसरी ओर, केंद्र सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून लाने की तैयारी तेज कर दी है। प्रस्तावित कानून में फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए तीन महीने के भीतर सुनवाई, दोषियों को 10 वर्ष तक की सजा और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इस बीच छात्र आंदोलन, सरकार और विपक्ष के बीच जारी टकराव ने राष्ट्रीय राजनीति को और अधिक गर्मा दिया है।


