आवारा कुत्तों का बढ़ता आतंक, बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक बन रहे शिकार; चिकित्सकों ने समय पर उपचार कराने की दी सलाह
नवाबगंज (फर्रुखाबाद)। नगर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। कुत्तों के काटने की घटनाओं में वृद्धि के चलते नवाबगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में प्रतिदिन 20 से अधिक डॉग बाइट के मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क है और सभी मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
सीएचसी में आने वाले मरीजों का पहले प्राथमिक उपचार किया जाता है। इसके बाद चिकित्सकों की निगरानी में एंटी-रेबीज वैक्सीन लगाई जाती है तथा आवश्यकता अनुसार अन्य दवाएं दी जाती हैं। चिकित्सकों का कहना है कि कुत्ता काटने के बाद लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है, इसलिए हर मरीज को बिना देरी के अस्पताल पहुंचकर इलाज कराना चाहिए।
बुधवार को उपचार के लिए पहुंचे मरीजों में राजू (विजय नगर), अमित (जानकीपुर), अवनीश (बढ़ोना), मंजू (गनीपुर), नविया (बगोना), सिंकू, रोली, अजीम और अनुपम सहित 20 से अधिक लोग शामिल रहे। सभी मरीजों को जांच के बाद एंटी-रेबीज वैक्सीन लगाई गई और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई गईं।
सीएचसी प्रभारी डॉ. लोकेश शर्मा ने बताया कि प्रतिदिन 20 से अधिक डॉग बाइट के मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। सभी को निर्धारित चिकित्सा प्रोटोकॉल के तहत एंटी-रेबीज इंजेक्शन एवं आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को कुत्ता काट ले, तो घाव को तुरंत साबुन और बहते पानी से कम से कम 15 मिनट तक अच्छी तरह धोएं और बिना किसी देरी के नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचकर उपचार कराएं। उन्होंने कहा कि समय पर एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाने से रेबीज जैसी जानलेवा बीमारी से बचाव संभव है।
आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को लेकर स्थानीय लोगों ने भी चिंता जताई है। लोगों का कहना है कि नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में झुंड बनाकर घूम रहे आवारा कुत्ते बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों पर हमला कर रहे हैं। नागरिकों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों की समस्या के स्थायी समाधान और प्रभावी नियंत्रण की मांग की है।


