फर्रुखाबाद। जिले के शहर और कस्बों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा गोवंश की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। सड़कों पर झुंड के रूप में घूम रहे गोवंश आए दिन यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं, जबकि खेतों में घुसकर किसानों की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे किसानों और आम नागरिकों में चिंता बढ़ती जा रही है।
शहर के प्रमुख चौराहों, बाजारों और व्यस्त मार्गों पर दिनभर आवारा गोवंश के डेरा जमाए रहने से वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार अचानक सड़क पर आने से दोपहिया वाहन चालक संतुलन खो बैठते हैं, जिससे दुर्घटनाएं भी हो रही हैं। वहीं, रात के समय सड़कों पर बैठे गोवंश हादसों का बड़ा कारण बन रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों का कहना है कि दिन-रात खेतों की रखवाली करने के बावजूद आवारा गोवंश फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। धान, मक्का, बाजरा और सब्जियों की खेती सबसे अधिक प्रभावित हो रही है। किसानों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निकाय और संबंधित विभाग को गोवंश को सुरक्षित गोशालाओं तक पहुंचाने, निराश्रित पशुओं के संरक्षण की प्रभावी व्यवस्था करने तथा प्रमुख सड़कों और बाजारों से उन्हें हटाने के लिए नियमित अभियान चलाना चाहिए। लोगों का मानना है कि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो सड़क दुर्घटनाओं और किसानों के आर्थिक नुकसान की घटनाएं लगातार बढ़ती रहेंगी।
आवारा गोवंश का बढ़ता आतंक, किसान और राहगीर दोनों परेशान


