फर्रुखाबाद। एआरटीओ कार्यालय में काम कराने के बदले रुपये मांगने की शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया। जिलाधिकारी के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) दिनेश कुमार ने एआरटीओ कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। उनके अचानक पहुंचने से कार्यालय में हड़कंप मच गया और विभिन्न पटलों के आसपास मंडरा रहे बाहरी लोग मौके से खिसक गए।
निरीक्षण के दौरान एडीएम ने कार्यालय के विभिन्न अनुभागों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन फिटनेस, फोटो खिंचवाने और अन्य सेवाओं से जुड़े सभी काउंटरों पर जाकर लिपिकों से कार्यप्रणाली की जानकारी ली। इसके साथ ही कई पत्रावलियों और अभिलेखों की भी जांच की। एडीएम करीब आधे घंटे तक कार्यालय में मौजूद रहे और व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे।
जानकारी के अनुसार, ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने आए एक आवेदक ने आरोप लगाया था कि उसका कार्य करने के बदले उससे रुपये मांगे गए। शिकायत सीधे जिलाधिकारी तक पहुंची, जिसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए गए। इसी क्रम में एडीएम न्यायिक को मौके पर भेजा गया।
निरीक्षण के बाद एडीएम दिनेश कुमार ने बताया कि उन्हें शिकायत मिली थी कि एआरटीओ कार्यालय के काउंटरों पर कुछ निजी व्यक्ति लोगों से रुपये वसूलते हैं। इसी शिकायत की सत्यता की जांच के लिए औचक निरीक्षण किया गया। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान मिली जानकारी और जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
वहीं, एआरटीओ प्रशासन कृष्ण कुमार यादव ने रुपये लेने के आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा कि कार्यालय में हाल ही में नई व्यवस्था लागू की गई है, जिससे कुछ लोगों को असुविधा हो रही है। उनके अनुसार, इसी वजह से किसी ने शिकायत कर दी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि रिश्वत लेने का कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है।
डीएम के निर्देश पर एडीएम ने किया एआरटीओ कार्यालय का औचक निरीक्षण, रिश्वत लेने की शिकायत की जांच


