50 हजार छात्राओं को स्कूटी, दो नए एक्सप्रेसवे को मंजूरी, 3 से 6 अगस्त तक होगा मानसून सत्र
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कालीदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास पर हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में विकास, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और बुनियादी ढांचे से जुड़े 18 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में दो नए एक्सप्रेसवे, रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना, 220 नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद, अग्निशमन विभाग के आधुनिकीकरण, सीएम श्रमजीवी छात्रावास समेत कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। साथ ही, उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र 3 से 6 अगस्त तक बुलाने का निर्णय भी लिया गया, जिसमें सरकार अनुपूरक बजट पेश करेगी।
कैबिनेट ने 333 किलोमीटर लंबे प्रयागराज–सोनभद्र एक्सप्रेसवे को मंजूरी दी, जिसकी अनुमानित लागत 26 हजार करोड़ रुपये होगी। इसके अलावा 117 किलोमीटर लंबे विंध्य–पूर्वांचल लिंक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को भी स्वीकृति मिली। करीब 9,039 करोड़ रुपये की इस परियोजना से गाजीपुर, मिर्जापुर और चंदौली को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाली लिंक परियोजना और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर 1.18 किमी के डायवर्जन प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना शुरू करने का फैसला किया है। इसके तहत प्रदेश के सभी कॉलेजों की टॉप-5 छात्राओं को स्कूटी दी जाएगी। योजना के लिए 400 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है और लगभग 50 हजार छात्राओं को इसका लाभ मिलेगा। सरकार स्कूटी के साथ हेलमेट और शुरुआती पेट्रोल की भी व्यवस्था करेगी।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में प्रत्येक विश्वविद्यालय में भारतीय ज्ञान परंपरा और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के तहत शोध पीठ स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। विश्वविद्यालयों को अधिकतम दो करोड़ रुपये तथा महाविद्यालयों को एक करोड़ रुपये तक की सहायता दी जाएगी। वाराणसी स्थित बसंत महिला विश्वविद्यालय में नए छात्रावास के निर्माण को भी मंजूरी मिली है।
कैबिनेट ने परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 220 नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद पर भी सहमति दी। लगभग 400 करोड़ रुपये की लागत से खरीदी जाने वाली ये बसें 42 और 50 सीटर होंगी। इसके अलावा अग्निशमन विभाग के लिए 44 वाटर टैंकर और 5 फोम टैंकर खरीदे जाएंगे, ताकि संकरी गलियों और दुर्गम क्षेत्रों में भी राहत एवं बचाव कार्य तेजी से किए जा सकें।
बैठक में वाराणसी में 500 छात्राओं की क्षमता वाले सीएम श्रमजीवी छात्रावास के निर्माण, आउटसोर्सिंग निगम के पोर्टल संचालन के लिए वित्तीय सहायता तथा अन्य विभागों के कई प्रशासनिक प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। वहीं संभल रिपोर्ट को भी कैबिनेट ने स्वीकृति प्रदान की।
सरकार के इन फैसलों को आगामी विधानसभा चुनावों से पहले महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, रोजगार और पूर्वांचल-विंध्य क्षेत्र में आधारभूत ढांचे के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। दूसरी ओर, 3 से 6 अगस्त तक होने वाले मानसून सत्र में विपक्ष राम मंदिर चढ़ावा, कानून-व्यवस्था और अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है, जिससे सत्र के हंगामेदार रहने की संभावना जताई जा रही है।


