डिम्पल यादव और अखिलेश यादव ने छात्रों पर कार्रवाई को बताया लोकतंत्र पर हमला, सरकार से मांगा जवाब
नई दिल्ली। छात्र आंदोलन और प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर समाजवादी पार्टी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। लोकसभा सांसद डिम्पल यादव और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने छात्रों और युवाओं के साथ कथित पुलिस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताते हुए सरकार से जवाब मांगा है।
लोकसभा सांसद डिम्पल यादव ने कहा कि छात्र अपनी बात सरकार तक पहुंचाने के लिए संसद भवन आए थे, लेकिन उनकी आवाज सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि “ये बच्चे सरकार को बताना चाहते थे कि व्यवस्था बीमार पड़ गई है और काम नहीं कर रही है। लेकिन उन मासूम बच्चों पर लाठियां बरसाई गईं और बेटियों के कपड़े तक फाड़ दिए गए।” उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने आए छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
वहीं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “इस्तीफे का दबाव इसलिए नहीं बन पा रहा है क्योंकि उन्हें डर है कि इस्तीफा देने के बाद कई दबे हुए राज सामने आ जाएंगे। आजादी के बाद किसी सरकार से इस तरह के व्यवहार की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी।”
अखिलेश यादव ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि “सरकार की लाठियों से युवाओं और छात्रों का सिर फूट रहा है। आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं, करंट लगाया जा रहा है। क्या यही ‘सबका साथ, सबका विकास’ है? क्या यही अमृतकाल है?”
समाजवादी पार्टी ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने और छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।


