इस्तीफे की मांग पर अड़ा CJP
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर शिक्षा व्यवस्था और NEET पेपर लीक के विरोध में चल रहा CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) का आंदोलन मंगलवार को भी जारी रहा। सोमवार को संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस-प्रदर्शनकारियों की झड़प के बाद मंगलवार सुबह से ही बारिश के बीच बड़ी संख्या में समर्थक जंतर-मंतर पहुंचने लगे। संगठन ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा।
सोमवार की हिंसक झड़प के बाद मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल अलग-अलग समय पर दिल्ली के डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल पहुंचे और घायल छात्रों का हालचाल जाना। अस्पताल से बाहर आने के बाद केजरीवाल ने दावा किया कि एक छात्रा आईसीयू में भर्ती है तथा कई अन्य छात्र विभिन्न अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। उन्होंने हिरासत में लिए गए छात्रों की जानकारी लेने के लिए संसद मार्ग थाने जाने की भी बात कही।
उधर, जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। संसद मार्ग सहित आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात है। दिल्ली पुलिस ने सोमवार की हिंसा के मामले में कनॉट प्लेस और संसद मार्ग थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान बैरिकेड तोड़े गए, सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ की गई, पथराव हुआ और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। पुलिस के अनुसार इस घटना में 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए तथा करीब 70 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
वहीं CJP नेतृत्व ने पुलिस कार्रवाई को अत्यधिक बल प्रयोग बताते हुए कहा कि आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहेगा। संगठन के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि सरकार से बातचीत के दरवाजे खुले हैं, लेकिन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उनकी प्रमुख मांग है। संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी साफ किया कि जंतर-मंतर का धरना और संसद मार्च का अभियान जारी रहेगा।
इस बीच, संसद परिसर में भी इस मुद्दे की गूंज सुनाई दी। सांसद चंद्रशेखर आजाद बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के पास धरने पर बैठे रहे और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के साथ शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग दोहराई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने छात्रों पर बल प्रयोग के विरोध में अपना जन्मदिन नहीं मनाने का फैसला लिया, जबकि असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि सरकार को पहले संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए था।
एनडीए की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पेपर लीक के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी और छात्रों का हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
उधर, दिल्ली हाई कोर्ट में प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा कथित बल प्रयोग को लेकर दायर याचिका का उल्लेख किया गया। अदालत ने मामले की सुनवाई अगले दिन के लिए निर्धारित करते हुए कहा कि इस विषय पर विधिक प्रक्रिया के तहत सुनवाई होगी।


