हर की पैड़ी पर कराया गंगा स्नान, वर्षों पुरानी इच्छा की पूरी; चार बेटों के रहते बहू ने निभाया फर्ज
हरिद्वार। सावन के पावन महीने में सेवा, समर्पण और संस्कार की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया। हरिद्वार से एक बहू अपनी बुजुर्ग सास को कांवड़ में बैठाकर पैदल हापुड़ के लिए रवाना हुई। इस भावनात्मक यात्रा का उद्देश्य सास की वर्षों पुरानी हरिद्वार आकर गंगा स्नान और कांवड़ यात्रा की इच्छा को पूरा करना है।
हर की पैड़ी पर बहू ने सबसे पहले अपनी सास को विधिवत मां गंगा में स्नान कराया। इसके बाद उन्हें विशेष रूप से तैयार की गई कांवड़ में बैठाकर पैदल यात्रा शुरू की। रास्ते भर श्रद्धालु इस अनूठे दृश्य को देखकर भावुक हो गए और बहू के समर्पण की सराहना करते नजर आए।
सबसे भावुक करने वाली बात यह है कि बुजुर्ग महिला के चार बेटे होने के बावजूद उनकी इस इच्छा को पूरा करने का बीड़ा उनकी बहू ने उठाया। बहू का कहना है कि माता-पिता और सास-ससुर की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। यदि उनके चेहरे पर मुस्कान आ जाए, तो वही जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
इस सेवा यात्रा में परिवार की नन्ही सदस्य राधा भी अपनी दादी के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है। छोटी उम्र में दादी की सेवा और सम्मान का भाव लोगों के लिए प्रेरणा बन गया है। राहगीर और श्रद्धालु राधा की भी खूब प्रशंसा कर रहे हैं।
यात्रा के दौरान कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने बहू और उसकी सास का स्वागत किया। लोगों ने इसे आधुनिक समय की ‘श्रवण कुमार’ जैसी मिसाल बताते हुए कहा कि आज के दौर में जहां रिश्तों में दूरियां बढ़ती जा रही हैं, वहीं यह परिवार सेवा, सम्मान और संस्कार का संदेश दे रहा है।
सोशल मीडिया पर भी इस अनूठी यात्रा के वीडियो और तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं। हजारों लोग बहू की इस सेवा भावना को भारतीय संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों का जीवंत उदाहरण बता रहे हैं।


