राज्य कर कार्यालय में उद्यमियों के साथ मैराथन बैठक, निर्यात घटने और कारोबार में गिरावट पर जताई चिंता
कन्नौज। देश-विदेश में अपनी पहचान रखने वाला कन्नौज का इत्र उद्योग वैश्विक हालात के असर से जूझ रहा है। ईरान-अमेरिका के बीच बढ़े तनाव और पश्चिम एशिया में अस्थिरता का असर अब कन्नौज के इत्र कारोबार पर भी दिखाई देने लगा है। व्यापारियों ने दावा किया कि निर्यात प्रभावित होने से कारोबार में गिरावट आई है।
राज्य कर विभाग के कार्यालय में आयोजित व्यापारी संवाद कार्यक्रम के दौरान इत्र कारोबार से जुड़े उद्यमियों ने अपनी समस्याएं खुलकर अधिकारियों के सामने रखीं। बैठक के दौरान व्यापारियों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण विदेशी ऑर्डरों में कमी आई है और निर्यात की लागत बढ़ने से उद्योग पर दबाव बना हुआ है।
व्यापारियों ने यह भी बताया कि पश्चिम एशिया के कई देशों में अनिश्चित माहौल का सीधा असर इत्र और सुगंधित उत्पादों के निर्यात पर पड़ा है। भुगतान, परिवहन और आपूर्ति श्रृंखला में आने वाली बाधाओं से कारोबार प्रभावित हो रहा है।
बैठक में राज्य कर विभाग के अधिकारियों ने व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और कर संबंधी मुद्दों के समाधान का भरोसा दिलाया। अधिकारियों ने कहा कि विभाग उद्योग जगत के साथ समन्वय बनाकर व्यापार को सुगम बनाने का प्रयास करेगा।
उद्यमियों ने सरकार से निर्यात को बढ़ावा देने, कर प्रक्रियाओं को और सरल बनाने तथा पारंपरिक इत्र उद्योग के संरक्षण के लिए विशेष सहायता पैकेज की भी मांग की। उनका कहना था कि कन्नौज का इत्र उद्योग हजारों लोगों की आजीविका से जुड़ा है और इसे वैश्विक चुनौतियों से उबारने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
कन्नौज का इत्र उद्योग अपनी पारंपरिक सुगंध और हस्तनिर्मित उत्पादों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। ऐसे में वैश्विक तनाव के कारण व्यापार में आई मंदी स्थानीय उद्यमियों और कारीगरों के लिए चिंता का विषय बन गई है।


