का मोबाइल ले उड़ा युवक
क्रासर
कैंटीन से ढाई हजार रुपये की रेजगारी समेत बिस्कुट, चिप्स और कुरकुरे चोरी; यात्री को टीटीई बनकर डराकर दूसरी बेंच पर भेजा, सुबह गायब मिला मोबाइल
फर्रुखाबाद। रेलवे स्टेशन पर चोरों ने दो अलग-अलग वारदातों को अंजाम देकर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर चोरों ने कैंटीन का शीशा ईंट से तोड़कर गल्ले में रखी करीब ढाई हजार रुपये की रेजगारी पार कर दी, वहीं दूसरी ओर एक युवक पर फर्जी टीटीई बनकर यात्री को डराने और उसका करीब 40 हजार रुपये का मोबाइल चोरी करने का आरोप है। चोर कैंटीन से नकदी के साथ बिस्कुट, चिप्स और कुरकुरे के पैकेट तक बोरियों में भरकर ले गए। लगातार हुई इन घटनाओं से रेलवे स्टेशन पर यात्रियों और दुकानदारों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
जानकारी के मुताबिक, दत्तू नगला निवासी मुलायम यादव पुत्र देवेंद्र सिंह यादव रेलवे स्टेशन पर एसएस इंटरप्राइजेज के ठेकेदार सुरेंद्र सिंह के नाम से आवंटित कैंटीन चलाते हैं। गुरुवार देर रात वह रोजाना की तरह कैंटीन बंद करके अपने घर चले गए थे। शुक्रवार तड़के करीब चार बजे जब वह दुकान खोलने पहुंचे तो वहां का नजारा देखकर हैरान रह गए। कैंटीन का शीशा ईंट से टूटा हुआ था और अंदर सामान बिखरा पड़ा था। चोर गल्ले में रखी पांच, दस और पचास रुपये के सिक्कों के रूप में करीब ढाई हजार रुपये की रेजगारी निकाल ले गए थे।
चोरों ने केवल नकदी पर ही हाथ साफ नहीं किया, बल्कि कैंटीन में रखे खाद्य पदार्थों को भी निशाना बनाया। बिस्कुट, चिप्स और कुरकुरे के पैकेट तक बोरियों में भरकर ले जाए गए। सुबह दुकान खोलने पहुंचे मुलायम यादव ने जब टूटा शीशा और बिखरा सामान देखा तो उन्हें चोरी की जानकारी हुई। घटना से कैंटीन संचालक को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
फर्जी टीटीई बनकर यात्री को दूसरी बेंच पर भेजा, मोबाइल गायब
स्टेशन पर चोरी की दूसरी घटना में कथित तौर पर एक युवक ने खुद को टीटीई बताकर यात्री को अपने झांसे में ले लिया। जानकारी के अनुसार, आजमगढ़ जिले के बिलवा गांव निवासी आजाद कुमार कादर दादपुर सराय में अपनी रिश्तेदारी में आए हुए थे। रात करीब 11 बजे वह रेलवे स्टेशन पहुंचे, लेकिन तब तक उनकी ट्रेन छूट चुकी थी। इसके बाद वह कैंटीन के पास स्थित एक बेंच पर बैठ गए।
आरोप है कि देर रात एक अज्ञात युवक वहां पहुंचा और खुद को टीटीई बताते हुए रौब झाड़ने लगा। उसने आजाद कुमार को वहां से हटने के लिए कहा। कथित टीटीई के व्यवहार से सहमे आजाद कुमार दूसरी ओर गलियारे में रखी बेंच पर जाकर सो गए। सुबह जब उनकी आंख खुली तो उनकी जेब से करीब 40 हजार रुपये कीमत का मोबाइल फोन गायब था। इसके बाद उन्हें अपने साथ हुई घटना का एहसास हुआ।
पीड़ित ने तत्काल राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) को मामले की तहरीर दी। फर्जी टीटीई बनकर यात्री को दूसरी जगह भेजने और उसके बाद मोबाइल गायब होने की घटना ने स्टेशन पर रात के समय यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
चौकी और स्टेशन मास्टर कक्ष के पास हुई वारदातों से उठे सवाल
दोनों घटनाओं को लेकर रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। कैंटीन में जिस स्थान पर चोरी हुई, वहां से महज 30 मीटर की दूरी पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और करीब 100 मीटर दूर जीआरपी की चौकी बताई जा रही है। इसके अलावा स्टेशन मास्टर का कक्ष भी कुछ ही दूरी पर स्थित है। ऐसे में स्टेशन परिसर में चोरी की वारदात होना सुरक्षा इंतजामों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करता है।
स्थानीय लोगों और दैनिक यात्रियों का आरोप है कि रात होते ही रेलवे स्टेशन का बड़ा हिस्सा अंधेरे में डूब जाता है। पर्याप्त रोशनी नहीं होने और सुरक्षा बलों की नियमित गश्त दिखाई नहीं देने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों का कहना है कि रात के समय स्टेशन पर आने-जाने वाले यात्रियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए, ताकि कोई भी व्यक्ति खुद को रेलवे कर्मचारी बताकर यात्रियों को डरा न सके।
रात्रिकालीन गश्त और रोशनी बढ़ाने की मांग
घटनाओं के बाद स्थानीय लोगों और यात्रियों ने स्टेशन परिसर में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था कराने, रात के समय नियमित गश्त बढ़ाने और संदिग्ध व्यक्तियों पर निगरानी रखने की मांग की है। यात्रियों का कहना है कि रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होना बेहद जरूरी है, क्योंकि देर रात ट्रेन का इंतजार करने वाले यात्रियों को अक्सर प्लेटफॉर्म और परिसर में ही समय बिताना पड़ता है।
फिलहाल कैंटीन से चोरी और यात्री का मोबाइल गायब होने के दोनों मामलों में पुलिस की कार्रवाई तथा आरोपितों की पहचान को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। यात्रियों को उम्मीद है कि संबंधित सुरक्षा एजेंसियां घटनाओं की जांच कर आरोपितों का पता लगाएंगी और स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाएंगी।


