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सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होने का खतरा, उत्तर प्रदेश पूर्व सैनिक कल्याण निगम के माध्यम से तैनात 50 से 60 सुरक्षाकर्मी वेतन के इंतजार में
फर्रुखाबाद। जनपद के सरकारी चिकित्सालयों में सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रहे पूर्व सैनिकों को पिछले कई महीनों से वेतन नहीं मिलने का मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश पूर्व सैनिक कल्याण निगम के माध्यम से तैनात इन सुरक्षा कर्मियों का वेतन जून से अब तक लंबित बताया जा रहा है। लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण सुरक्षाकर्मियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इससे उनमें नाराजगी बढ़ती जा रही है और अब वे काम बंद करने को मजबूर हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, जनपद के विभिन्न सरकारी चिकित्सालयों में लगभग 50 से 60 पूर्व सैनिक सुरक्षा कर्मियों के रूप में तैनात हैं। ये कर्मचारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों और तीमारदारों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने, परिसर की सुरक्षा करने तथा अन्य आवश्यक सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। इसके बावजूद समय से वेतन नहीं मिलने के कारण उन्हें परिवार का खर्च चलाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सुरक्षा कर्मियों का कहना है कि वे नियमित रूप से अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं, लेकिन इसके बदले मिलने वाला वेतन समय पर नहीं मिल रहा है। कई महीनों से भुगतान लंबित रहने के कारण घर-परिवार की जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है। वेतन के अभाव में दैनिक खर्चों के साथ ही बच्चों की पढ़ाई, घरेलू जरूरतों और अन्य आवश्यक जिम्मेदारियों को पूरा करने में भी दिक्कतें आ रही हैं।
बताया गया है कि यदि 10 अक्टूबर तक लंबित वेतन का भुगतान नहीं किया गया तो जनपद के सभी तैनात पूर्व सैनिक सुरक्षा कर्मी काम बंद कर देंगे। इस चेतावनी के बाद सरकारी चिकित्सालयों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। यदि बड़ी संख्या में सुरक्षा कर्मी एक साथ काम बंद करते हैं तो अस्पतालों में सुरक्षा प्रबंधन प्रभावित होने की आशंका है, जिसका असर मरीजों और उनके तीमारदारों पर भी पड़ सकता है।
अब सवाल यह है कि कई महीनों से वेतन का इंतजार कर रहे इन सुरक्षा कर्मियों की समस्या का समाधान कब होगा। संबंधित विभाग और उत्तर प्रदेश पूर्व सैनिक कल्याण निगम के अधिकारियों को लंबित भुगतान के मामले में शीघ्र कार्रवाई करने की जरूरत है, ताकि कर्मचारियों को राहत मिल सके और सरकारी चिकित्सालयों की सुरक्षा व्यवस्था भी सुचारु बनी रहे।
पूर्व सैनिकों को उम्मीद है कि जिम्मेदार अधिकारी मामले को गंभीरता से लेते हुए उनके लंबित वेतन का भुगतान जल्द सुनिश्चित कराएंगे। वहीं, 10 अक्टूबर से काम बंद करने की चेतावनी के बीच अब सभी की निगाहें संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई पर टिकी हैं।
पांच माह से वेतन नहीं मिलने पर पूर्व सैनिकों में आक्रोश, 10 अक्टूबर से काम बंद करने की चेतावनी


