जीपीओ पर महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण, बोले- बापू ने स्वाधीनता आंदोलन को बनाया जन आंदोलन
लखनऊ। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती के अवसर पर शुक्रवार को राजधानी लखनऊ में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हजरतगंज स्थित जीपीओ पर महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी बापू की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। जीपीओ में गांधी जयंती का मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें मुख्यमंत्री के मुख्य अतिथि बनने की जानकारी पहले से जारी कार्यक्रम में दी गई थी।
इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गांधी आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने चरखा चलाकर महात्मा गांधी के स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के संदेश को याद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी ने देश की आजादी की लड़ाई को केवल राजनीतिक आंदोलन नहीं रहने दिया, बल्कि उसे जन आंदोलन का स्वरूप प्रदान किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बापू ने स्वदेशी को अपनाने और स्वावलंबन पर विशेष जोर दिया। जब तक स्वदेशी आजादी के आंदोलन का मंत्र नहीं बना था, तब तक स्वतंत्रता की लड़ाई में वह व्यापक जनभागीदारी नहीं दिखाई देती थी, जो बाद में देखने को मिली। गांधी जी ने स्वदेशी के माध्यम से लोगों में आत्मसम्मान और स्वावलंबन की भावना पैदा की।
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के माध्यम से पूरी दुनिया को एक नई राह दिखाई। बापू ने रंगभेद और अन्याय के खिलाफ संघर्ष किया तथा भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को गांव-गांव और जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री ने चरखे को केवल कपड़ा तैयार करने का साधन नहीं, बल्कि भारत की आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन का आधार बताया। उन्होंने कहा कि गांधी जी का स्वदेशी का विचार आज भी प्रासंगिक है। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और देश में बने सामान को अपनाने से आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी जी के सपनों का भारत बनाने के लिए सत्य, स्वच्छता, स्वदेशी, आत्मनिर्भरता और जनभागीदारी जैसे मूल्यों को जीवन में अपनाने की आवश्यकता है।
गांधी जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा, शांति, सद्भाव और मानवता के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से बापू के आदर्शों को आत्मसात करने और समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए योगदान देने का आह्वान किया।
गांधी जयंती के अवसर पर राजधानी में विभिन्न स्थानों पर प्रार्थना सभाएं, भजन, स्वच्छता अभियान और अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। गांधी आश्रम और जीपीओ में हुए कार्यक्रमों के दौरान बापू के जीवन, संघर्ष और उनके विचारों को याद किया गया।


