फर्रुखाबाद। गंगा और रामगंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर ने जिले के तटवर्ती इलाकों में ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। बुधवार को गंगा का जलस्तर 136.85 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से 25 सेंटीमीटर ऊपर है। वहीं रामगंगा 137.15 मीटर पर पहुंच गई है। यह खतरे के निशान 137.10 मीटर से 5 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। दोनों नदियों का पानी पिछले दो दिनों से लगातार बढ़ रहा है।
जलस्तर बढ़ने का असर अमृतपुर तहसील क्षेत्र के तटवर्ती गांवों में दिखाई देने लगा है। नदी किनारे स्थित खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। फसलों को नुकसान की आशंका के बीच ग्रामीण लगातार नदी के जलस्तर पर नजर रख रहे हैं। कई स्थानों पर खेतों तक पहुंचने वाले रास्तों पर भी पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ है।
गंगा में नरौरा बांध से 1,53,173 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक गंगा के जलस्तर में करीब 25 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। पानी की आवक बढ़ने से आने वाले समय में जलस्तर पर प्रशासन और ग्रामीणों की निगाह बनी हुई है।
रामगंगा में भी बढ़ा पानी
रामगंगा में खो बैराज से 7,753 क्यूसेक, हरेली बैराज से 333 क्यूसेक और रामनगर बैराज से 7,963 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे रामगंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। नदी के आसपास के निचले इलाकों में पानी पहुंचने से ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामों और आवागमन में परेशानी हो रही है।
तटवर्ती गांवों में ग्रामीण फसलों और पशुओं को लेकर भी सतर्क हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण ग्रामीणों को आशंका है कि यदि पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो निचले इलाकों में स्थिति और बिगड़ सकती है। प्रशासन की ओर से भी नदी के जलस्तर और तटवर्ती क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।


