फर्रुखाबाद। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष योजना की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में योजना के तहत महिलाओं और बालिकाओं को अनुमन्य आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्राप्त प्रकरणों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को पात्र लाभार्थियों तक शासन की योजना का लाभ समयबद्ध तरीके से पहुंचाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि योजना के अंतर्गत प्राप्त सभी प्रकरणों का नियमानुसार परीक्षण कर पात्रता की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाए। पीड़ित महिलाओं और बालिकाओं से जुड़े मामलों में अधिकारी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई करें। किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण कर पात्र लाभार्थियों को अनुमन्य सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में जिला प्रोबेशन अधिकारी अनिल चंद्रा ने बताया कि योजना के तहत विगत माह कुल 31 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें तीन प्रकरण धारा 376 डी/70(1), चार दहेज मृत्यु और 24 प्रकरण पॉक्सो अधिनियम से संबंधित हैं। अधिकारियों ने इन मामलों की स्थिति और पात्रता से संबंधित अभिलेखों की जांच की जानकारी जिलाधिकारी को दी।
डीएम ने कहा कि योजना का उद्देश्य पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं को शासन की निर्धारित व्यवस्था के तहत सहायता उपलब्ध कराना है। इसलिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ मामलों की जांच और आवश्यक कार्रवाई पूरी करें, ताकि पात्र पीड़ितों को सहायता के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।
बैठक में जिला प्रोबेशन अधिकारी अनिल चंद्रा, संयुक्त निदेशक अभियोजन एनबी पाठक, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक महिला चिकित्सालय डॉ. धीर सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी शालिनी, क्षेत्राधिकारी अमृतपुर राजेश कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।


