नई दिल्ली। एशियाई खेलों में बुधवार को भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पांच घंटे के भीतर चार स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। तीरंदाजी में भारतीय खिलाड़ियों ने तीन स्वर्ण पदक अपने नाम किए, जबकि निशानेबाजी में एक स्वर्ण मिला। मुक्केबाजी में भी लवलीना बोरगोहेन समेत तीन भारतीय खिलाड़ियों ने फाइनल में जगह बनाकर स्वर्ण की उम्मीदें बढ़ा दी हैं।
तीरंदाजी की महिला कंपाउंड टीम स्पर्धा में ज्योति सुरेखा वेन्नम, चिकिता तनिपार्थी और पृथिका प्रदीप की तिकड़ी ने चीन को 238-234 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। भारतीय टीम ने इस दौरान 238 अंक हासिल कर विश्व रिकॉर्ड की बराबरी भी की। इस स्पर्धा में भारत ने लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
इसके बाद चिकिता तनिपार्थी और साहिल राजेश जाधव की जोड़ी ने कंपाउंड मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण जीतकर भारत की सफलता में एक और अध्याय जोड़ दिया। फाइनल में भारतीय जोड़ी और दक्षिण कोरिया के बीच मुकाबला 157-157 से बराबर रहा। इसके बाद निर्णायक निशानेबाजी में भारतीय खिलाड़ियों ने 10-10 अंक हासिल कर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।
निशानेबाजी में नीरू धांडा और किनान चेनाई की जोड़ी ने मिश्रित ट्रैप स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा। एशियाई खेलों की इस स्पर्धा में भारत को पहली बार स्वर्ण मिला। भारतीय जोड़ी ने 34 निशाने साधकर एशियाई रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। इसके बाद भारतीय पुरुष कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने भी खिताबी मुकाबले में जीत दर्ज कर दिन का चौथा स्वर्ण पदक भारत की झोली में डाल दिया।
मुक्केबाजी में ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में कजाखस्तान की प्रतिद्वंद्वी को 3-2 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। अंकुश पंघाल और परवीन हुड्डा ने भी अपने-अपने वर्गों के फाइनल में जगह बनाई। वहीं, प्रिया घंघास और कपिल पोखरिया को सेमीफाइनल में हार के बाद कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
भारतीय महिला स्क्वॉश टीम ने भी सिंगापुर को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया और देश के लिए एक पदक सुनिश्चित किया। अलग-अलग खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन से पदक तालिका में भारत की स्थिति मजबूत हुई है। बुधवार को मिली सफलताओं ने भारतीय दल की स्वर्ण पदकों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की और आगामी मुकाबलों के लिए उम्मीदें बढ़ा दीं।


